विद्यार्थियों के लिए बेहद लाभकारी माना गया हमुनान जी का नाम, जानें महत्व
आज के दौर में बच्चों का मन पढ़ाई को छोड़कर बाकी सभी चीजों में लगता है. कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं, जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन उनका मन भटक जाता है.
पढ़ाई में सफलता पाने के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि एकाग्रता भी जरूरी है.
पढ़ाई में एकाग्रता, स्मरण शक्ति बनाए रखने के लिए लोग बच्चों को हनुमान जी का नाम लेने की सलाह देते हैं.
ऐसे में आइए जानते हैं कि विद्यार्थियों को हनुमान जी का नाम क्यों लेना चाहिए और इससे क्या फायदा मिलता है...
मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी केवल बलवान ही नहीं, बल्कि अत्यंत बुद्धिमान भी थे. उन्होंने मात्र 15 दिनों में ही वेदों का अध्ययन कर उन्हें कंठस्थ कर लिया था.
इसका संदेश साफ है कि, तेज दिमाग, अनुशासन और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
हनुमान जी के गुरु यानी सूर्यदेव ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि जो विद्यार्थी हनुमान जी का नाम लेकर पढ़ाई करेगा, उसकी स्मरण शक्ति मजबूत होगी और वह पढ़ा हुआ भी नहीं भूलेगा.
असल में यह एक मनोवैज्ञानिक ट्रिक है. जब कोई छात्र रोज एक ही तरीके से पढ़ाई करना शुरू करता है, तो उसका मांइड फोकस मोड में आ जाता है.
संत तुलसीदास ने हनुमान चालीसा में लिखा है कि, "विद्यावान गुनी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर" इसका अर्थ केवल यह नहीं कि, हनुमान जी पढ़े-लिखे थे, बल्कि वे अपने ज्ञान का सही समय पर सही इस्तेमाल करना जानते थे.
आज के छात्रों की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि, वे पढ़ते तो बहुत हैं, लेकिन लागू नहीं कर पाते हैं.
हनुमान जी हमेशा श्रीराम के कार्यों को समझने और पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे. उनका लक्ष्य स्पष्ट था, कोई distraction नहीं, कोई बहाना नहीं.
अब आप अपनी स्थिति देखें फोन, सोशल मीडिया, टालमटोल अगर आप सच में सफल होना चाहते हैं, तो आपको हनुमान जी की तरह एक ही लक्ष्य पर टिके रहना सीखना पड़ेगा.