हंता वायरस ने दुनियाभर में बढ़ाई चिंता, जानिए क्या हैं इसके लक्षण

दक्षिणी अंटार्कटिक से लौट रहे लक्जरी क्रूज एमवी होंडियस पर संदिग्ध हंटावायरस संक्रमण के चलते हुई मौत और यात्रियों की गिरती सेहत की फिक्र दुनिया भर को है.

ऐसे में हर कोई अब इस वायरस को लेकर चिंतित हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये हंता वायरस के लक्षण क्या हैं और ये कितना खतरनाक है...

हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों और दूसरे कृन्तकों से इंसानों तक पहुंचता है. ये वायरस संक्रमित चूहों के पेशाब, लार और मल के जरिए फैलता है. 

कई बार सूखे मल या पेशाब के बेहद छोटे कण हवा में मिल जाते हैं और सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं. 

यही संक्रमण का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. पुराने बंद मकान, गोदाम, खेत, लकड़ी के ढेर और गंदे स्टोर रूम ज्यादा जोखिम वाले स्थान माने जाते हैं.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सामान्य तौर पर हंता वायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता. 

हालांकि दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले हंता वायरस के प्रकार एंडीज वायरस के कुछ मामलों में सीमित मानव संक्रमण की आशंका जताई गई है. इसलिए फिलहाल इसे महामारी जैसा खतरा नहीं माना जा रहा.

हंता वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे होते हैं. संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर दर्द, खासकर जांघ, कमर और पीठ की मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है. 

कई मरीजों में सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, दस्त और पेट दर्द भी देखा जाता है. संक्रमण के चार से दस दिन बाद मरीज को खांसी और सांस लेने में गंभीर दिक्कत शुरू हो सकती है. 

फेफड़ों में पानी भरने जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे हालत तेजी से बिगड़ सकती है. गंभीर मामलों में वायरस फेफड़ों, दिल और किडनी को प्रभावित कर सकता है.