कौन हैं तुलसी गबार्ड, जिन्होंने दिया US के इंटेलिजेंस चीफ पद से इस्तीफा
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना इस्तीफा सौंपा है.
दरअसल, तुलसी गबार्ड के पति को हाल ही में हड्डियों के कैंसर के एक दुर्लभ प्रकार का पता चला है. ऐसे में वो अपने पति की देखभाल के लिए अपना पद छोड़ रही हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि तुलसी गबार्ड कौन हैं...
तुलसी का जन्म साल 1981 में अमेरिकी समोआ में माइक गबार्ड और कैरल गबार्ड के घर पर हुआ था.
तुलसी जब 2 साल की थीं, तो उनकी फैमिली अमेरिका के हवाई राज्य में आकर बस गई. यहां आने के बाद उनकी मां ने हिन्दू धर्म अपना लिया.
वहीं, उनके पिता रोमन कैथोलिक ईसाई थे. कैरल गबार्ड ने अपने सभी बच्चों के हिन्दू नाम रखे.
तुलसी खुद को हिन्दू बताती हैं, लेकिन वो भारतीय मूल की नहीं हैं. उनके पिता पहले रिपब्लिकन पार्टी (2004-2007) और फिर साल 2007 से डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं.
साल 2013 में तुलसी गबार्ड पहली बार हवाई राज्य से सांसद चुनी गईं और 2021 तक वो इस पद पर रहीं.
तुलसी दो दशकों से अधिक समय से आर्मी नेशनल गार्ड से जुड़ी हुई हैं और इस दौरान वो इराक़ और क़ुवैत जैसे देशों में काम कर चुकी हैं.
तुलसी ने 2016 के चुनाव से पहले उन्होंने बर्नी सैंडर्स के लिए प्रचार किया और जो बाइडन को समर्थन देने से पहले उन्होंने 2020 में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेट उम्मीदवार के रूप में दावेदारी पेश की थी.
तुलसी अमेरिकी संसद की पहली हिंदू सदस्य थीं और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवा, मुफ़्त कॉलेज ट्यूशन और गन कंट्रोल जैसे उदारवादी मुद्दों का समर्थन किया था.
2021 में सदन छोड़ने के बाद तुलसी ने कुछ मुद्दों पर डेमोक्रेटिक पार्टी के ख़िलाफ़ रुख़ अपनाया और अप्रत्यक्ष रूप से ट्रंप का समर्थन करते हुए दिखाई देने लगीं.
अक्टूबर 2022 में तुलसी ने विदेश नीति और सामाजिक मुद्दों पर मतभेद की बात कहते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी को छोड़ दिया और खुलकर ट्रंप के समर्थन में आ गईं. फिर 2024 में वो रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुईं.