रात के सन्नाटे में बच्चे की तरह क्यों रोती हैं बिल्लियां? चौंका देगी वजह

रात का सन्नाटा हो और अचानक किसी बच्चे के रोने जैसी आवाज सुनाई देने लगे, तो कोई भी चौंक सकता है. लेकिन जब पता चलता है कि यह आवाज किसी बिल्ली की है, तो मन में सवाल उठता है कि आखिर बिल्लियां रात में इतना जोर-जोर से क्यों रोती हैं.

दरअसल, बिल्लियों के इस तरह आवाज निकालने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. कभी वे भूख लगने पर ऐसा करती हैं, तो कभी अपने साथी की तलाश में या इंसानों का ध्यान खींचने के लिए आवाज लगाती हैं. कुछ मामलों में यह दर्द, बीमारी या बढ़ती उम्र से जुड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है.

बिल्लियों की म्याऊं कई बार इंसानी बच्चे के रोने जैसी लगती है. इसकी एक वजह उनकी आवाज का उतार-चढ़ाव और तीखापन है. इंसानों का ध्यान खींचने वाली आवाजों के प्रति हम स्वाभाविक रूप से संवेदनशील होते हैं. बिल्लियां भी इंसानों के साथ रहते हुए अलग-अलग तरह की आवाजों के जरिए अपनी जरूरतें जाहिर करना सीख जाती हैं.

पालतू बिल्लियां अक्सर म्याऊं करके खाना मांगती हैं, दरवाजे पर बाहर जाने के लिए आवाज लगाती हैं या अपने मालिक का ध्यान खींचती हैं. यदि उन्हें किसी खास आवाज के बदले खाना, प्यार या प्रतिक्रिया मिलती है, तो वे उस व्यवहार को दोहरा सकती हैं. हालांकि, हर बिल्ली की आवाज और उसके पीछे का कारण अलग हो सकता है.

बिल्लियों के रात में रोने की एक आम वजह भूख हो सकती है. खासकर वे पालतू बिल्लियां जिन्हें निश्चित समय पर खाना मिलता है, खाने में देरी होने पर जोर-जोर से म्याऊं करने लगती हैं. कई बार वे खाने के कटोरे, रसोई या दरवाजे के आसपास घूमते हुए आवाज निकालती हैं.

रात में बिल्लियों के तेज आवाज निकालने की एक प्रमुख वजह प्रजनन संबंधी व्यवहार भी है. जब मादा बिल्ली हीट में होती है, तो वह लंबे समय तक खिंची हुई आवाज निकाल सकती है. इस दौरान वह फर्श पर लोट सकती है, ज्यादा बेचैन दिखाई दे सकती है और बार-बार बाहर जाने की कोशिश कर सकती है.

अगर घर में रहने वाली बिल्ली बार-बार इस तरह का व्यवहार करती है, तो पशु चिकित्सक से नसबंदी के विकल्प और सही समय के बारे में सलाह ली जा सकती है.

हर बार बिल्ली का रोना सामान्य व्यवहार नहीं होता. कई बार तेज या लगातार आवाज निकालना किसी शारीरिक परेशानी का संकेत हो सकता है. चोट लगना, दांतों की समस्या, पेट की तकलीफ या मूत्र मार्ग में परेशानी इसके संभावित कारण हैं. कुछ बीमारियों में बिल्ली बेचैन हो सकती है और सामान्य से ज्यादा आवाज निकाल सकती है.

अगर बिल्ली के रोने के साथ सुस्ती, खाना छोड़ना, छिपकर बैठना, चिड़चिड़ापन या चलने-फिरने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. खासकर अगर नर बिल्ली बार-बार पेशाब करने की कोशिश करे, लेकिन पेशाब न निकल पाए, तो यह आपात स्थिति हो सकती है और तुरंत पशु चिकित्सक की मदद जरूरी है.

बिल्ली में बिना स्पष्ट कारण के अचानक लगातार आवाज निकालने की समस्या हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है. केवल रोने की आवाज के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.

उम्र बढ़ने के साथ कुछ बिल्लियों के व्यवहार में बदलाव आने लगता है. बुजुर्ग बिल्लियों में दृष्टि या सुनने की क्षमता कम होना, थायरॉइड से जुड़ी बीमारी, उच्च रक्तचाप या फेलाइन कॉग्निटिव डिसफंक्शन जैसी समस्याएं रात में बेचैनी और तेज आवाज निकालने की वजह बन सकती हैं.

रात के सन्नाटे में बच्चे की तरह क्यों रोती हैं बिल्लियां? चौंका देगी वजह