रात में ही क्यों सुनाई देती है मच्छरों की भिनभिनाहट, दिन में क्यों नहीं?
आपने अक्सर ये नोटिस किया होगा कि जैसे ही आप रात में चैन की नींद सोने जाते हैं, उसी समय मच्छर कान में भिनभिनाने लगते हैं.
लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि आखिर रात में ही क्यों मच्छरों की भिन-भिन की आवाज सुनाई देती है. दिन में क्यों नहीं. आइए जानते हैं इसका जवाब.
दरअसल, जो भिन-भिन की आवाज आपको सुनाई देती है, वो मच्छरों का आवाज नहीं होती. बल्कि उनके पंखों के तेजी से फड़फड़ाने की आवाज होती है.
बता दें कि मच्छर के पंख हर सेकंड लगभग 300 से 600 बार फड़फड़ाते हैं. जिससे हवा में कंपन पैदा होती है.
बता दें कि मच्छर कार्बन डाइऑक्साइड और शरीर की गर्मी की तरफ आकर्षित होते हैं.
जब व्यक्ति सांस बाहर छोड़ता है, तो वो कार्बन डाइऑक्साइड की गंध का पीछा करते हुए आपके चेहरे के पास आ जाते हैं.
ऐसे में कान में भी उनके भिनभिनाहट की आवाज साफ सुनाई देती है.
रात में माहौल एकदम शांत रहता है. ऐसे में उनके भिनभिनाहट की आवाज तेज सुनाई देने लगती है.
मच्छर दिन में छिप जाते हैं. क्योंकि धूप और गर्मी उनके शरीर से पानी को तेजी से सोख सकती है.
ऐसे में वो जिंदा रहने के लिए ठंडी, अंधेरी और नमी वाली जगह पर पनाह लेते हैं. वो अक्सर पर्दे के पीछे, फर्नीचर के नीचे और अलमारी के अंदर छिपे होते हैं.