गणेश चतुर्थी की रात भूलकर भी न देखें चांद, झेलनी पड़ेगी बदनामी
आज देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस दिन लोग बड़े उत्साह में अपने घर में बप्पा का स्वागत करते हैं.
फिर उनका 10वें दिन विसर्जन किया जाता है. लेकिन ऐसा कहा जाता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा नहीं देखना चाहिए. आइए जानते हैं वजह...
मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी पर चांद देखना अशुभ होता है.
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार गणेश जी ने चंद्रमा को शाप दिया था कि इस दिन जो भी चंद्र दर्शन करेगा, वो कलंक का भागी बनेगा.
दरअसल, एक बार भगवान गणेश कई लड्डू खा लिए थे और उन्होंने मूषक की सवारी की थी. तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वो गिर गए.
ये देखकर चंद्रमा हंस पड़े. ये बात गणेश जी को अपमानजनक लगी.
तभी उन्होंने चंद्रमा को श्राप दिया कि इस दिन जो कोई भी तुम्हें देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा और उसे कलंक का सामना करना पड़ेगा.
यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के दिन चांद देखने से रोका जाता है. कहते हैं कि इस दिन जो भी चंद्रमा का दर्शन करेगा उस पर मिथ्या दोष लगता है.
व्यक्ति पर झूठा आरोप लग सकता है या उसे बदनामी झेलनी पड़ सकती है.
अगर आप इस दिन गलती से चांद देख भी लेते हैं, तो गणेश जी की कोई पौराणिक कथा को पढ़ें या सुनें. स्यमंतक मणि की कथा सुनने से मिथ्या दोष दूर होता है.