आखिर महिलाओं को क्यों नहीं काटना चाहिए कद्दू, हैरान कर देगी वजह
आपने अक्सर देखा होगा कि जब भी घर में कद्दू आता है, तो उसे पहले घर का कोई पुरुष ही काटता है. उसके बाद ही महिलाएं ही उसके छोटे-छोटे टुकड़े काटती हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस परंपरा के पीछे की क्या वजह है. आइए हम बताते हैं कि आख़िर महिलाएं कद्दू क्यों नहीं काटती…
मान्यताओं के अनुसार, कद्दू को बड़ा या ज्येष्ठ पुत्र माना जाता है. ऐसे में कद्दू को काटना बड़े बेटे की बलि देने के समान होता है.
यही वजह है कि कद्दू का व्यजंन बनाने से पहले पुरुष इसे काटते हैं, फिर महिलाएं इसके छोटे-छोटे टुकड़े काट सकती हैं.
हिंदू धर्म में महिलाओं को नारियल फोड़ना वर्जित होता है. वैसे ही कद्दू काटना भी मना होता है. महिलाएं पूजा में नारियल चढ़ा सकती हैं, लेकिन इसे फोड़ नहीं सकती.
वैसे ही महिलाओं को कद्दू काटने की भी मनाही होती है. कद्दू को जब तक पहले कोई पुरुष ना काटे, महिला इसे नहीं काट सकती.
इसका कारण यह है कि सनातन धर्म में नारियल और कद्दू जैसी चीजों को सात्विक पूजा में बलि का प्रतिरूप माना जाता है.
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कद्दू में जल तत्व (शीत ऊर्जा) बहुत अधिक होता है. महिलाओं के शरीर में भी जल तत्व अधिक होता है.
ऐसे में माना जाता है कि दोनों की शीत ऊर्जा आपस में टकराने से महिलाओं के स्वास्थ्य (जैसे मासिक धर्म या कमर दर्द) पर असर पड़ सकता है.