साल 2026 में ग्रहों की चाल से आरंभ होगा रौद्र संवत, बढ़ेगा तनाव और युद्ध
साल 25 के समाप्त होने में महज एक महीना ही बाकी है, इसके बाद नया साल शुरू हो जाएगा.
ज्योतिष के अनुसार, नए साल 2026 की शुरुआत में ग्रह-नक्षत्रों की चाल से ऐसे संयोग बनेंगे जोकि तनाव और युद्ध बढ़ने के संकेत दे रहे हैं.
शास्त्र के अनुसार, नव वर्ष की शुरुआत रौद्र संवत से होगी. वहीं, हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि गुरुवार, 19 मार्च 2026 से होगी.
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक साल 2026 के राजा गुरु और मंत्री मंगल होंगे, इसलिए इस संवत को रौद्र संवत का नाम दिया जा रहा है.
इस साल पूजा-पाठ और धर्म-कर्म के कार्यों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन मंगल के प्रभाव से देश-दुनिया कई बड़ी घटनाएं घट सकती है.
ग्रहों की स्थिति भी इस वर्ष कुछ ऐसी बनेगी, जिसका प्रभाव आर्थिक स्थिति, सोना-चांदी की कीमतों आदि पर असर डालेगी.
2026 को लेकर ऐसी भी भविष्यवाणी की जा रही है कि इस वर्ष साइबर ठगी और राजनीति में भी अशांति का माहौल बढ़ा रहेगा. साथ ही शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा.
ज्योतिषाचार्यो की मानें तो व्यक्तिगत जीवन में भी लोगों को गुस्सा, तनाव और निर्णयों में अस्थिरता से बचने की सलाह देते हैं.
इस दौरान आध्यात्मिकता और धैर्य ही सबसे बड़ा संतुलन बनाए रखने का आधार बन सकता है.