मार्को रूबियो ने की ‘अमेरिका फर्स्ट’ वीजा टूल की शुरुआत, क्यों है भारत-अमेरिका रिश्ते के लिए जरूरी?

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Marco Rubio: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो इस समय भारत दौरे पर हैं, जहां वो रक्षा, व्यापार और ऊर्जा समेत भारत-अमेरिका के बीच रिश्ते को लेकर बात करेंगे. इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री ने ‘अमेरिका फर्स्ट वीजा शेड्यूलिंग टूल’ की शुरुआत की है, जो अमेरिकी दूतावासों के काम करने के तरीके को बेहतर बनाने के रूप में देखा जा रहा है.

मार्को रूबियो भारत की अपनी चार दिवसीय महत्वपूर्ण राजनयिक यात्रा के दौरान, इस वीजा टूल के बारे में बात की. ऐसे में यह टूल भारत के लिए क्यों जरूरी है, और इसके क्या मायने हैं? चलिए जानते हैं.

यह नया वीजा टूल है क्या?

बता दें कि यह नया वीजा टूल उन कामकाजी पेशेवरों और लोगों को प्राथमिकता देता है जिनकी यात्रा सीधे तौर पर अमेरिका के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करती है. अमेरिका-भारत संबंधों की मजबूत नींव की ओर इशारा करते हुए रूबियो ने बताया कि यह संबंध किस तरह से उन तरीकों से आगे बढ़ रहे हैं जो हमेशा खबरों में नहीं आते. अमेरिका और भारत ने अपने व्यापारिक संबंधों का विस्तार किया है, जिसमें अब 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश शामिल है.

किन्हें मिलेगा फायदा?

मार्को रूबियो ने अमेरिकी बाजारों में भारतीय कंपनियों के निवेश किए जाने के साथ ही भारत-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य अभ्यासों के जरिए सुरक्षा साझेदारी पर भी जोर दिया. दरअसल, वीजा मिलने की धीमी या अनिश्चित प्रक्रिया उन व्यावसायिक यात्राओं, निवेश दौरों और साझेदारी बैठकों में रुकावट बन सकती है, जो इन संबंधों को मजबूत बना रहे हैं. इसे में इस रुकावट को दूर करने के लिए एक स्मार्ट शेड्यूलिंग सिस्टम की जरूरत है.

अपॉइंटमेंट के लिए मिलेगा पहले मौका

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि “इस महत्वपूर्ण रिश्ते को मजबूत करने के लिए एक व्यवस्थित और सुरक्षित वीजा सिस्टम बेहद जरूरी है.” यह टूल एक मुख्य प्राथमिकता के सिद्धांत पर काम करता है: जो आवेदक अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करते हैं, उन्हें अपॉइंटमेंट के लिए पहले मौका मिलेगा. अर्थात बिजनेस प्रोफेशनल्स, यानी वे लोग जो डील फाइनल करने, समझौतों पर हस्ताक्षर करने, काम का विस्तार करने, या अमेरिकी बाजारों में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए यात्रा कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी.

हालांकि, रूबियो ने यह भी कहा कि यह नई सुविधा केवल वीजा आवेदकों के लिए ही नहीं है. उन्होंने मिशन में काम करने वाले अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं, वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों, सहायक कर्मचारियों और उन सभी लोगों को सीधे संबोधित किया जिन्हें उन्होंने हर दिन अमेरिकी राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने वाली “फ्रंट लाइन” (अग्रिम पंक्ति) बताया है. अमेरिकी मंत्री ने कहा कि “इस सुविधा ने अमेरिकियों के पैसे बचाए हैं क्योंकि यह हमें अधिक कुशल बनाएगी.यह हमें उस काम को और अधिक सटीक, तेज़ और बेहतर तरीके से करने की अनुमति देगी जो हमें वैसे भी करना ही है.

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