गाजा पर कब्जा करेगा इजरायल, सुरक्षा परिषद ने भी योजना को दी मंजूरी

Must Read

Israel-Gaza : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा पर कब्जे का मन बना चुके हैं. जानकारी देते हुए बता दें कि फिलहाल पीएम ऑफिस से कहा गया था कि इजरायल, गाजा पर कब्जा नहीं करेगा. ऐसे में वह पूरी जिम्मेदारी अंतरिम शासन को सौंप देगा. इस दौरान मीडिया के दौरान चौकानें वाली जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सुरक्षा परिषद ने नेतन्याहू के प्लान को मंजूरी दे दी है.

गाजा पट्टी पर कब्जा करने का बना रहे प्‍लान

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इजरायल और गाजा के बीच काफी लंबे समय से तनाव चल रहा है. ऐसे में लोगों की आशंका है कि 22 महीनों से चल रहे और अधिक बढ़ सकते हैं. इस युद्ध को लेकर नेतन्याहू का कहना है कि हमास को तबाह करने के लिए गाजा पट्टी पर पूरी तरह कब्जा करना जरूरी है. रिपोर्ट के अनुसार मीडिया से बातचीत के दौरान नेतन्याहू से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्‍होंने कहा कि “हम इसे अपने पास नहीं रखना चाहते. हम एक सुरक्षा घेरा बनाना चाहते हैं. हमारा इरादा शासन करने का नहीं

सुरक्षा कैबिनेट ने कब्जे के प्रस्ताव को दी मंजूरी

जानकारी देते हुए बता दें कि गाजा शहर पर इजराइल की सुरक्षा कैबिनेट ने कब्जे के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस मामले को लेकर नेतन्याहू का कहना है कि इजराइल गाजा के क्षेत्र को अरब फोर्सेज को सौंपना चाहता है और वही वहां शासन करेंगे. ऐसे में उन्होंने बताया कि किस देश की फोर्सेज को गाजा पट्टी सौंपी जाएगी.

फिलिस्तीनियों को भी निकलने की आशंका

दोनों देशों के बीच तनावों को लेकर उनका कहना है कि सुरक्षा परिषद को किसी भी प्रस्ताव के लिए पूर्ण मंत्रिमंडल से मंजूरी लेनी होगी, ऐसे में सुरक्षा बैठक से पहले किए जा रहे विचार के विकल्पों में सूत्रों का कहना है कि गाजा के उन क्षेत्रों पर कब्जा किया जा सकता है, जहां सेनाएं तैनात नहीं हैं. जानकारी के मुताबिक, इजरायल की तरफ से फिलिस्तीनियों को भी निकलने की चेतावनी दी जा सकती है.

 इसे भी पढ़ें :- रूसी राष्ट्रपति ने NSA अजीत डोभाल का किया जोरदार स्वागत, दोनों की दोस्ती डोनाल्ड ट्रंप के लिए बनी सिरदर्द

 

Latest News

Gold Import Policy: सरकार ने 15 बैंकों को दी सोना-चांदी आयात की मंजूरी, बाजार में दिखेगा बड़ा असर

सरकार ने 15 बैंकों को सोना-चांदी आयात की अनुमति दी है. इस फैसले से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और कीमतों पर असर पड़ सकता है.

More Articles Like This