हाउस अरेस्ट के दौरान इस देश के पूर्व राष्ट्रपति की तबीयत बिगड़ी? उनके बेटे ने बताई यह वजह!

Must Read

Brazil: हाउस अरेस्ट के दौरान ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो की अचानक तबीयत बिगड़ गई. जिसकी वजह से उन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बेटे फ्लेवियो ने बताया कि पिता जी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. बोलसोनारो के स्वास्थ्य को लेकर उनके बेटे फ्लेवियो ने X पर एक पोस्ट भी किया है.

तबीयत बिगड़ने के बाद ले जाया गया अस्पताल

उन्होंने लिखा कि ‘उनके पिता को हिचकी, उल्टी और लो ब्लडप्रेशर की गंभीर समस्या महसूस हुई.’ फ्लेवियो ने आगे लिखा कि ‘तबीयत बिगड़ने के बाद बोलसोनारो को ब्रासीलिया में डीएफ स्टार अस्पताल ले जाया गया, क्योंकि यह एक आपातकालीन स्थिति थी.’ तख्तापलट की साजिश रचने के आरोप में पिछले हफ्ते बोलसोनारो को 27 साल और तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद दूसरी बार बोलसोनारो को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया है.

उनपर चाकू से हुआ था हमला

साल 2018 में चुनाव अभियान के दौरान उनपर चाकू से हमला हुआ था. जिसके बाद से बोलसोनारो को बार-बार आंतों की समस्या हो रही है. उन्हें अप्रैल में कई सर्जरी इसके लिए करवानी पड़ी थी. आंतों की समस्या को लेकर एक सर्जरी लगभग 12 घंटे तक चली थी. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बोलसोनारो के खिलाफ फैसला सुनाया था. 2022 के चुनाव में राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा से हार के बाद तख्तापलट की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया. इसके साथ उन्हें 27 साल तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई.

बोलसोनारो के वकील दायर कर सकते हैं याचिका

हालांकि बोलसोनारो को तुरंत जेल नहीं भेजा जाएगा. अदालत के पास फैसला प्रकाशित करने के लिए 60 दिन तक का समय है. जिसके बाद बोलसोनारो के वकील स्पष्टीकरण के लिए याचिका दायर कर सकते हैं. उधर, ‘पूर्व राष्ट्रपति का कहना है कि उन्होंने कोई भी गलती नहीं की है. उन्हें राजनीतिक रंजिश का शिकार बनाया गया है.’ वहीं बोलसोनारो के दोस्त माने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है. ट्रंप ने कहा कि ‘वह इस फैसले से बहुत असंतुष्ट हैं.’

नस्लवादी टिप्पणियों के कारण हर्जाना देने का आदेश

वहीं मंगलवार को एक अलग संघीय अदालत ने बोलसोनारो को पद पर रहते हुए की गई नस्लवादी टिप्पणियों के कारण सामूहिक नैतिक क्षति के लिए 10 लाख रियाल (188,865 अमेरिकी डॉलर) का हर्जाना देने का आदेश दिया है. यह फैसला 2021 में एक अश्वेत समर्थक को दिए गए उनके बयान से उपजा है जिसमें उन्होंने उस व्यक्ति के बालों में कॉकरोच देखने का मजाक उड़ाया था और उस हेयरस्टाइल की तुलना कॉकरोच प्रजनन स्थल से की थी.

किसी भी नस्लवादी इरादे से इनकार

वहीं, उनके बचाव पक्ष ने जोर देकर कहा है कि ‘ये टिप्पणियां मजाक के तौर पर की गई थीं और उन्होंने किसी भी नस्लवादी इरादे से इनकार किया है.’ बोलसोनारो पर वर्तमान में 2030 तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है हालांकि, उन्होंने कहा है कि वह 2026 में चुनाव लड़ेंगे.

इसे भी पढ़ें. PM मोदी के 75वें जन्मदिन पर बॉलीवुड ने दिया खास तोहफा, रिलीज किया ये देशभक्ति गाना

 

Latest News

27 October 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Panchang 27 October 2026: 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. इस दिन अशून्य...

More Articles Like This