Iran Protests: ईरान में हिंसक विरोध-प्रदर्शन जारी हैं. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई है. अमेरिका की एक मानवाधिकार संस्था ने बुधवार को यह जानकारी दी. इनमें 12 बच्चे और नौ आम नागरिक भी शामिल हैं, जो प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे. अमेरिका की मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी ने ये आंकड़े बताए हैं. यह एजेंसी हाल के वर्षों में हुई हिंसक घटनाओं के दौरान सटीक जानकारी देने के लिए जानी जाती रही है और ईरान में मौजूद अपने समर्थकों के जरिए सूचनाओं का सत्यापन करती है.
मरने वालों में 2,403 प्रदर्शनकारी और 147 सरकारी कर्मी शामिल
संस्था ने कहा कि मरने वालों में 2,403 प्रदर्शनकारी हैं और 147 सरकारी कर्मी हैं. संस्था ने बताया कि 18,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. ईरान में प्रदर्शन के कारण इंटरनेट बंद है जिससे स्थिति का सटीक आकलन करने में मुश्किल हो रही है. एसोसिएटेड प्रेस (एपी) मृतकों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है. ईरान की सरकार ने भी हताहतों की संख्या की जानकारी नहीं दी है.
करीब दो हफ्ते पहले शुरू हुए थे प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों की यह संख्या ईरान में अब प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की संख्या से कहीं अधिक है. ईरान में बदहाल आर्थिक स्थिति और महंगाई के खिलाफ करीब दो हफ्ते पहले प्रदर्शन शुरू हुए थे. लेकिन देखते ही देखते ये प्रदर्शन देश के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई और उनके शासन के खिलाफ एक बड़े विद्रोह में बदल गए. ईरानी शासन के लिए 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती बन गई है.
प्रदर्शन को भड़काने के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार
खामेनेई सरकार इस प्रदर्शन को भड़काने के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रही है. सरकार का कहना है कि आम लोगों के विरोध-प्रदर्शन को आतंकी तत्वों ने हाईजैक कर लिया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेशी डिप्लोमैट्स के साथ एक मीटिंग में दावा किया कि उनके पास ऐसे कई सबूत हैं जो दिखाते हैं कि देश में अशांति के पीछे अमेरिका और इजरायल का बड़ा हाथ है.
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