इंडोनेशिया: जावा द्वीप पर लैंडस्लाइड का कहर, अब तक 21 लोगों की मौत, 80 से अधिक लापता

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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जकार्ताः इंडोनेशिया में लैंडस्लाइड ने कहर बरपाया है. जावा द्वीप में हुई भारी लैंडस्लाइड के हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी हैं. बचावकर्मियों ने बुधवार को फिर से तलाशी अभियान शुरू करने के बाद चार और शव बरामद किए, जिससे जावा द्वीप पर बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई. सोमवार को मूसलाधार बारिश के बाद उफनती नदियों का पानी मध्य जावा प्रांत के पेकालोंगन रीजेंसी में नौ गांवों से होकर गुजरा, जबकि पहाड़ी गांवों पर जबरदस्त भूस्खलन हुआ.

राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी द्वारा जारी वीडियो और फोटो में दिखाया गया है कि गांवों में मजदूर हताशा से खुदाई कर रहे हैं, जहां सड़कें और हरी-भरी सीढ़ीनुमा खेत गहरी भूरी कीचड़ में बदल गए है. गांव मोटी कीचड़, चट्टानों और उखड़े हुए पेड़ों से ढक गए थे.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने कहा कि बाढ़ ने पेटुंगक्रियोनो रिसॉर्ट क्षेत्र में भूस्खलन ट्रिगर किया, जिससे दो घर और एक कैफे दब गए. इन आपदाओं से कुल 25 घर, एक बांध और तीन मुख्य पुल नष्ट हो गए, जो गांवों को जोड़ते थे. कम से कम 13 लोग घायल हुए और लगभग 300 लोग सरकारी अस्थायी आश्रयों में शरण लेने को विवश हुए.

भारी बारिश और बाढ़ के बाद हुई लैंडस्लाइड

यह घटना इंडोनेशिया में मौसमी भारी बारिश के दौरान अक्सर होने वाली बाढ़ और भूस्खलन की श्रृंखला का हिस्सा है, जहां लाखों लोग पहाड़ी इलाकों या बाढ़-प्रवण मैदानों के पास रहते हैं. इस भूस्खलन में शनिवार को कम से कम आठ लोगों की जान चली गई और 82 लोग लापता हो गए. बचावकर्मी गहरी कीचड़ में फंसकर जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं. कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से नदियां उफान पर थीं, जिससे पश्चिम जावा प्रांत के वेस्ट बैंडुंग जिले में पासिर लंगू गांव में तबाही मच गई. कीचड़, चट्टानें और पेड़ पहाड़ी से नीचे गिरे, जिससे लगभग 34 घर दब गए.

ढेर के नीचे दबे लोगों की तलाश जारी

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने कहा कि बचाव दल कीचड़ और मलबे के ढेर के नीचे दबे 82 निवासियों की तलाश कर रहे हैं, जबकि 24 लोग इस आपदा से बच निकलने में कामयाब रहे. सुबह 3 बजे हुए भूस्खलन में सबसे अधिक प्रभावित पासिर कुनिंग गांव से आठ शव बरामद किए गए, जहां घर और लोग बह गए.

टीवी चैनलों ने पासिर लंगू में काम करने वाले मजदूरों और निवासियों के हताशा भरे खुदाई के फुटेज दिखाए, जहां सड़कें और हरी-भरी सीढ़ीनुमा खेत गहरी भूरी कीचड़ में बदल गए थे. गांव मोटी कीचड़, चट्टानों और उखड़े पेड़ों से ढक गया था.

पश्चिम जावा आपदा प्रबंधन कार्यालय के प्रमुख टेटेन अली मुंग्कु एंगकुन ने कहा, “अस्थिर मिट्टी और भारी बारिश से खोज और बचाव अभियान जटिल हो रहे हैं.” उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने नुकसान का तत्काल आकलन किया और भूस्खलन के तुरंत बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया. भूस्खलन क्षेत्र से 100 मीटर (गज) के दायरे में रहने वाले परिवारों को आगे की ढलान गिरने के डर से निकाल लिया गया.

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