गणतंत्र दिवस 2026 पर सम्मानित अर्हान बगाती, सामाजिक सुधार से लेकर वैश्विक मंचों तक सक्रिय भूमिका

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Arhan Bagati: कश्मीरी पंडित समुदाय से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अर्हान बगाती को गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर जम्मू-कश्मीर सरकार ने सामाजिक सुधार और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया है. सम्मान के बावजूद अर्हान बगाती जम्मू-कश्मीर में सामाजिक सरोकारों, सार्वजनिक नीति और सांस्कृतिक पुनरुत्थान से जुड़े अभियानों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

सार्वजनिक नीति से जुड़ी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि

अर्हान बगाती की शैक्षणिक यात्रा वैश्विक स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ी रही है. उन्होंने अमेरिका के पोमोना कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की, जिसे दुनिया के शीर्ष लिबरल आर्ट्स कॉलेजों में गिना जाता है. इसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में स्टडी अब्रॉड प्रोग्राम के तहत अंतरविषयक अध्ययन किया. वर्तमान में अर्हान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के जॉन एफ. कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट से मास्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई कर रहे हैं. उनका फोकस जम्मू-कश्मीर में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव को मजबूती देने पर है.

पैरालंपिक आंदोलन में अहम योगदान

शिक्षा के साथ-साथ अर्हान बगाती वर्ष 2014 से भारत के पैरालंपिक आंदोलन से जुड़े हुए हैं. वह पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के लिए अवेयरनेस एंड इम्पैक्ट एंबेसडर के रूप में कार्य कर चुके हैं. उन्होंने LetsEnable.com जैसे प्लेटफॉर्म और InRio व IndTokyo जैसे सपोर्ट एप्लिकेशन पर भी काम किया, जिनका उद्देश्य भारतीय पैरा एथलीटों की सहायता करना रहा है. इन प्रयासों के चलते उन्हें टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों में भारतीय दल के लिए डिप्टी शेफ डी मिशन नियुक्त किया गया, जिससे वह न केवल भारत के पहले बल्कि दुनिया के सबसे युवा अधिकारी बने.

कश्मीर के पुनर्निर्माण पर केंद्रित KYARI पहल

अर्हान बगाती क्यारी (Kashmir’s Yumberzal Applied Research Institute) के संस्थापक हैं. यह संगठन शोध आधारित समाधानों के जरिए कश्मीर की स्थानीय चुनौतियों पर काम करता है. KYARI शिक्षा, स्वच्छता, बिजली, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और महिला नेतृत्व वाले आर्थिक सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है.

संस्था ने 33 वर्षों के अंतराल के बाद कश्मीर में साहित्य महोत्सव का आयोजन कर सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में अहम कदम उठाया. इस आयोजन का उद्घाटन उपराज्यपाल ने किया था और इसमें दिवंगत अर्थशास्त्री डॉ. बिबेक देबरॉय सहित कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा, KYARI ने बक्करवाल जनजातीय पशुपालकों के अधिकारों की पैरवी की और युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाए.

सतत विकास, पर्यटन और फिल्म उद्योग पर फोकस

अर्हान के नेतृत्व में KYARI ने श्रीनगर में ई-रिक्शा जैसी पहल शुरू की, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला बल्कि वंचित समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी बने. उन्होंने कश्मीर को एक सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पर्यटन स्थल के रूप में दोबारा स्थापित करने के लिए भी काम किया. इसके तहत फिल्म और क्रिएटिव इंडस्ट्री को घाटी की ओर आकर्षित करने की कोशिशें की गईं.

अर्हान बगाती ने फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ में को-प्रोड्यूसर और ‘120 बहादुर’ में एसोसिएट प्रोड्यूसर के रूप में भूमिका निभाई. इसके अलावा, उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट की एक बड़े बजट की हिंदी फिल्म की कश्मीर में शूटिंग को सुगम बनाया, जिसमें देशभर से 500 से अधिक कलाकार और तकनीशियन शामिल हुए. यह बीते तीन दशकों में पहली बार था जब कश्मीर को बड़े स्तर पर सकारात्मक रूप में फिल्म उद्योग के लिए प्रस्तुत किया गया.

वैश्विक युवा संवाद और विचार नेतृत्व

वर्ष 2026 में अर्हान ‘इंडिया ट्रेक’ नामक एक वैश्विक शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं. इसमें हार्वर्ड, MIT समेत 12 देशों के प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्र शामिल हैं. इस कार्यक्रम के तहत छात्र भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर का दौरा कर उसकी संस्कृति, विरासत और सामाजिक जमीनी हकीकत को करीब से समझेंगे.

अर्हान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक सक्रिय विचारक के रूप में भी पहचाने जाते हैं. वह TEDxYouth@JPIS जैसे मंचों पर बोल चुके हैं और हिंदुस्तान टाइम्स, रिपब्लिक, फर्स्टपोस्ट, द क्विंट और ग्रेटर कश्मीर जैसे प्रकाशनों में राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक नीति और कश्मीर से जुड़े विषयों पर लेख लिखते रहे हैं.


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सम्मान और निरंतर प्रभाव

अर्हान बगाती को उनके कार्यों के लिए हिंदुस्तान टाइम्स ‘30 अंडर 30– सोशल इम्पैक्ट लीडर’ और ET इंडो ग्लोबल लीडर्स अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.सार्वजनिक नीति, खेल, सिनेमा, सतत विकास और वैश्विक युवा कूटनीति जैसे विविध क्षेत्रों में फैला अर्हान बगाती का कार्य जम्मू-कश्मीर के लिए दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.

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