उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित श्री विग्रह प्रतिमा स्थापना समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आध्यात्मिक गुरुओं की गरिमामयी उपस्थिति देखने को मिली. यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और एकता का भी सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया.
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने क्या कहा?
इस भव्य समारोह में भाग लेते हुए कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने विचार साझा किए और कार्यक्रम की गरिमा तथा उसके संदेश पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन हमें हमारी सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक एकता की ओर पुनः प्रेरित करते हैं. आचार्य प्रमोद कृष्णम के अनुसार यह आयोजन सिर्फ एक प्रतिमा स्थापना नहीं, बल्कि समाज को मानवीय आदर्शों और नैतिक चेतना के प्रति जागरूक करने का अवसर है.
भारत माता मन्दिर के संस्थापक,
शंकराचार्य परंपरा के शिखर महापुरुष,
एक महान विचारक तपोनिष्ठ ब्रह्मलीन संत पूज्य पाद
स्वामी सत्यमित्रानन्द जी महाराज के श्री विग्रह की स्थापना समारोह में देश के पूज्य संतों के “दर्शन”
के साथ पूज्य स्वामी @AvdheshanandG के पावन सानिध्य में आयोजित इस… pic.twitter.com/Qeog1M9FFu— Acharya Pramod (@AcharyaPramodk) February 5, 2026
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समारोह के दौरान यह भी रेखांकित किया कि ऐसे आयोजनों से आध्यात्मिक चेतना के प्रसार में वृद्धि होती है और देश भर के लोग अपने सांस्कृतिक मूल्यों से और अधिक जुड़ते हैं. उन्होंने सभी उपस्थित जनों से इस तरह के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने तथा समाज में शांति, एकता और सद्भाव बनाए रखने की अपील की.
विशेष समारोह का आयोजन
हरिद्वार की पवित्र भूमि पर यह प्रतिमा स्थापना समारोह धार्मिक स्थलों में से एक के रूप में देखा जा रहा है, जहां श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, बल्कि अपने अंदर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव भी करते हैं. इसमें शामिल होने वाले संतों, विद्वानों और समाजसेवी व्यक्तित्वों ने भी आचार्य प्रमोद कृष्णम के विचारों का अनुमोदन किया और कहा कि ऐसे आयोजनों से सनातन परंपरा का संरक्षण और प्रचार संभव होता है.
इस विशेष समारोह का आयोजन पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के पावन सानिध्य में किया गया, जिसमें देश के अनेक प्रतिष्ठित संत, योगगुरु, आध्यात्मिक चिंतक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हुए. आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म का अद्भुत वातावरण देखने को मिला.
दिग्गज हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
भव्य आयोजन में योगगुरु स्वामी रामदेव, संत स्वामी बालकानंद, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा तथा कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम समेत कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी मौजूदगी रही. इसके अतिरिक्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की.
समारोह से जुड़ी तस्वीरों और झलकियों से स्पष्ट हुआ कि यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक समरसता और भारतीय परंपरा के संरक्षण का एक भव्य मंच बना. यह आयोजन आने वाले समय में ऐसे प्रेरणादायक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जा रहा है.

