80 साल में सबसे घातक…, म्यूनिख सम्मेलन में जापान पर भड़के चीनी विदेश मंत्री वांग यी

Must Read

Germany Munich conference 2026 : चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में सभी पक्षों से जापान में उभर रही चिंताजनक प्रवृत्तियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के ताइवान पर दिए गए पूर्व बयान को 80 साल में किसी भी जापानी प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए बयान में सबसे घातक करार दिया है. इस मामले को लेकर वांग यी का कहना है कि वर्तमान जापानी प्रधानमंत्री ने ताइवान जलडमरूमध्य में किसी संकट को जापान के लिए “जीवन-खतरे वाली स्थिति” करार दिया है, इसे चीन बर्दाश्त नहीं करेगा.

जापान की टिप्पणियां करती हैं राजनीतिक वचनों का उल्लंघन

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार वांग यी ने जोर देते हुए कहा कि जापानी प्रधानमंत्री की ऐसी टिप्पणियां चीन की संप्रभुता को चुनौती देती हैं, इसके साथ ही वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की व्यवस्था को चुनौती देती हैं…जिसमें ताइवान को चीन में वापस लौटाया गया था. बता दें कि जापान द्वारा इस प्रकार की टिप्पणियां राजनीतिक वचनों का उल्लंघन करती हैं. चीन इसे स्वीकार नहीं करेगा, न ही 1.4 अरब चीनी लोग इसे बर्दाश्त करेंगे. जानकारी के मुताबिक, वांग यी ने यह बयान 14 फरवरी को जर्मनी के म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के “चाइना इन द वर्ल्ड” सत्र में दिया.

जापान के लिए बताया “अस्तित्व संकट”

इस दौरान वांग यी ने जापान में “सैन्यवाद का भूत” के लौटने की चेतावनी दी और ये भी कहा कि यदि जापान फिर से “जुआ” खेलता है, तो उसे “तेज हार” और “अधिक विनाशकारी नुकसान” का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने यह टिप्पणी जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के नवंबर 2025 में संसद में दी गई उनकी उन टिप्पणियों के जवाब पर आधारित है, इसमें उन्‍होंने ताइवान पर संभावित चीनी हमले को जापान के लिए “अस्तित्व संकट” बताया था.

पाखंड कर रहा बीजिंग संयुक्त राष्ट्र चार्टर- ताइवान

ऐसी स्थिति में जापान सामूहिक आत्मरक्षा के तहत सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ऐसे में वांग यी के आरोपों को तथ्‍यों पर आधारित नही कहकर खारिज कर दिया था. इतना ही नही बल्कि ताइवान ने भी चीन को “वास्तविक खतरा” करार दिया और कहा कि बीजिंग संयुक्त राष्ट्र चार्टर का हवाला देकर पाखंड कर रहा है. जो ताइवान मुद्दे पर पहले से ही गहरा है.

इसे भी पढ़ें :- ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत इस प्रोजेक्ट पर करेगा काम, खौफ में पाकिस्तान

Latest News

Manufacturing PMI May 2026: मई में मजबूत हुई मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां, नए ऑर्डर और उत्पादन में तेज उछाल

मई 2026 में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 55.0 पर पहुंच गया. नए ऑर्डर, उत्पादन और खरीद गतिविधियों में तेजी के चलते विनिर्माण क्षेत्र पिछले तीन महीनों के सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया.

More Articles Like This