13 April 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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13 April 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ अशुभ मुहूर्त राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 13 अप्रैल, दिन सोमवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में…

आज का पंचांग

13 अप्रैल को वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और सोमवार का संयोग बन रहा है. यह एकादशी तिथि देर रात 1 बजकर 9 मिनट तक रहेगी, इसलिए इस दिन वरुथिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. दिन में शाम 5 बजकर 17 मिनट तक शुभ योग रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है. वहीं, धनिष्ठा नक्षत्र शाम 4 बजकर 4 मिनट तक प्रभावी रहेगा. इसके अलावा, इस दिन पंचक भी रहेगा, इसलिए कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

13 अप्रैल 2026 का पंचांग

  • वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि– 13 अप्रैल 2026 को देर रात 1 बजकर 9 मिनट तक
  • शुभ योग- 13 अप्रैल को शाम 5 बजकर 17 मिनट तक
  • धनिष्ठा नक्षत्र– 13 अप्रैल को शाम 4 बजकर 4 मिनट तक
  • 6 अप्रैल 2026 व्रत-त्यौहार– वरुथिनी एकादशी व्रत, पंचक आरंभ

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 07:34 से सुबह 09:10 तक
  • मुंबई- सुबह 07:57 से सुबह 09:31 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 07:35 से सुबह 09:11 तक
  • लखनऊ- सुबह 07:21 से सुबह 08:56 तक
  • भोपाल- सुबह 07:36 से सुबह 09:11 तक
  • कोलकाता- सुबह 06:53 से सुबह 08:28 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 07:56 से सुबह 09:31 तक
  • चेन्नई- सुबह 07:31 से सुबह 09:04 तक

सूर्योस्त-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 5:56 AM
  • सूर्यास्त- शाम 6:45 PM

वरुथिनी एकादशी व्रत महत्व

वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर वरुथिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस बार यह व्रत सोमवार को किया जाएगा। वरुथिनी एकादशी का व्रत सुख और सौभाग्य प्रदान करने वाला माना जाता है. मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियम के साथ इस दिन व्रत करता है, भगवान विष्णु उसकी सभी संकटों से रक्षा करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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