एआई से दवाइयों की खोज में आएगी क्रांति: इंडिया फार्मा 2026 में एक्सपर्ट्स का बड़ा दावा

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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AI Drug Discovery India: दवाइयों की खोज और विकास के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका तेजी से बढ़ने वाली है. विशेषज्ञों का मानना है कि एआई की मदद से ज्यादा सटीक और प्रभावी दवाइयों का विकास संभव होगा, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा मिलेगी.

उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा प्रणालियों को सिर्फ डिजिटल बनाने के बजाय पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है, ताकि एआई का सही उपयोग किया जा सके.

इंडिया फार्मा सम्मेलन में जुटे विशेषज्ञ

नौवें इंडिया फार्मा 2026 के पहले दिन चार महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए. इन सत्रों में नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नियामक और तकनीकी विशेषज्ञ एक मंच पर आए और भारत के फार्मा व लाइफ साइंस क्षेत्र के भविष्य पर चर्चा की. उद्घाटन सत्र में नीतियों और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन के बीच की दूरी को कम करने की जरूरत पर जोर दिया गया.

अनुसंधान और नीति सुधार पर जोर

औषधीय विभाग के सचिव मनोज जोशी ने अनुसंधान एवं विकास के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने सरकारी प्रयोगशालाओं के नेटवर्क को मजबूत करने और नियामक ढांचे को यूरोपीय मानकों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया.

वहीं स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव राजीव बहल ने बताया कि पिछले वर्षों में अनुसंधान निधि में कई गुना वृद्धि हुई है, लेकिन अब देश को अपने खुद के अनुसंधान मॉडल पर ध्यान देने की जरूरत है, जिससे नवाचार को बाजार का भरोसा मिल सके.

इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल जरूरी

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, उद्योग जगत के नेताओं ने अनुसंधान आधारित कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए पूंजी निवेश और सह-वित्तपोषण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता बताई. इसके साथ ही उद्योग और शिक्षा जगत के बीच बेहतर समन्वय और शुरुआती खोजों को वैश्विक स्तर तक ले जाने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया.

दूसरे सत्र में एक ऐसा नियामक ढांचा तैयार करने पर चर्चा हुई, जो पूर्वानुमानित, प्रभावी और वैश्विक मानकों के अनुरूप हो. भारत के औषधि नियंत्रक जनरल डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने कहा कि बेहतर नियामक प्रणाली के लिए सभी हितधारकों के साथ संवाद बेहद जरूरी है.

फार्मा क्षेत्र में एआई का बढ़ता असर

तीसरे सत्र में फार्मास्युटिकल मूल्य श्रृंखला में एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने बताया कि एआई दवा खोज, परीक्षण और उत्पादन जैसे क्षेत्रों में तेजी और सटीकता दोनों बढ़ा सकता है. चौथे सत्र में वैश्विक अनुबंध अनुसंधान, विकास और निर्माण संगठनों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका पर चर्चा हुई.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र वर्तमान में लगभग 8 अरब डॉलर का है और 10-12 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है.

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