Hantavirus Outbreak: अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास फंसे क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंता वायरस का खतरा गहराता जा रहा है. डब्लयूएचओ के मुताबिक, जहाज पर अब तक दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच और संदिग्ध हैं. इन सात मामलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, एक मरीज की हालत गंभीर है और तीन में हल्के लक्षण देखे गए हैं.
यात्रियों के साथ कई दिनों से समुद्र में रुका है जहाज
करीब 150 यात्रियों और क्रू मेंबर के साथ यह जहाज कई दिनों से समुद्र में ही रुका हुआ है, क्योंकि केप वर्डे ने संक्रमण के खतरे को लेकर इसे किनारे लगने की अनुमति नहीं दी है. जहाज पर सवार अन्य लोगों को एहतियात के तौर पर अपने-अपने केबिन में रहने को कहा गया है.
डब्लयूएचओ ने साफ किया है कि हंतावायरस आमतौर पर चूहों जैसे संक्रमित कृंतकों के संपर्क से फैलता है, लेकिन कुछ मामलों में सीमित मानव-से-मानव संक्रमण की भी आशंका जताई गई है, खासकर नजदीकी और लंबे संपर्क में.
जाने क्या है हंता वायरस?
हंता वायरस एक दुर्लभ, लेकिन खतरनाक बीमारी है, जो मुख्य रूप से चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क से फैलती है. यह शरीर में पहुंचकर फेफड़ों या किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. इस बीमारी के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान, लेकिन कुछ मामलों में यह तेजी से गंभीर रूप ले लेती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और जान का खतरा बढ़ जाता है.
क्या है इलाज?
हंता वायरल से बचने के लिए अभी तक कोई टीका या लक्षित उपचार उपलब्ध नहीं है. गंभीर मामलों में ऑक्सीजन सहायता या वेंटिलेटर की जरुरत पड़ती है.
चूहों के संपर्क से बचना ही वायरल से सबसे अच्छा बचाव
चूहों के संपर्क से बचना ही हंता वायरल से सबसे अच्छा बचाव है. आसपास को साफ रखना और चूहों से प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित तरीके से संभालना जोखिम को कम कर सकता है. प्रकोप के दौरान, संपर्क ट्रेसिंग से प्रभावित व्यक्तियों की पहचान करने और उनका तुरंत इलाज करने से मदद मिलती है.

