Pm Modi donald trump meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज आमने-सामने बैठने वाले हैं, जिसपर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई है. फ्रांस में आज होने वाली इस बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती हैं. फ्रांस में जी-7 समिट से इतर दोनों की इस संभावित द्विपक्षीय बैठक में ऊर्जा, व्यापार और समुद्री सुरक्षा जैसे विषय इस बातचीत के केंद्र में रहने की उम्मीद है. पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया तुरंत एक जंग से बाहर निकला है और होर्मुज को लेकर पूरी दुनिया अभी भी चिंतित है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि यहां पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज के अहम समुद्री रास्ते, अमेरिका से ऊर्जा आयात और प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा होने की संभावना है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश लंबे समय की ऊर्जा साझेदारी बनाना चाहते हैं. मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है.
इसके साथ ही, बैठक में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर भी बात होगी, जो अपने अंतिम चरण में है. इसपर दोनों पक्षों में बातचीत लगातार आगे बढ़ रही है और आने वाले कुछ हफ्तों में इस समझौते पर काम पूरा होने की उम्मीद है.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान
बता दें कि दोनों देशों ने लगभग एक साल की बातचीत के बाद फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौता किया था. व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि इस बैठक में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. वहीं, यह संभावित बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि होर्मुज में जारी अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है. यह पतला समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जहाजी मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया के तेल और गैस की बड़ी मात्रा गुजरती है. दुनिया के कुल तेल व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा यहीं से गुजरता है.
ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की मौत का उठाया मुद्दा
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद हो रहे पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप समेत जी7 नेताओं की बैठक में कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें.
जी7 समिट के संपर्क सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार में रुकावटों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है और कई भारतीय नागरिकों की जान गई है. बता दें कि पिछले हफ्ते ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर अमेरिकी सेना के हमले में चालक दल के तीन भारतीय सदस्यों की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत में बढ़ते गुस्से के बीच, पीएम मोदी ने समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया.

