German government: जर्मनी में कर्मचारियों को बीमार होने पर मिलने वाली छुट्टी (सिक लीव) के नियमों को सख्त किया जाएगा. दरअसल, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की गठबंधन सरकार ने बड़ा आर्थिक सुधार पैकेज पेश किया है, जिसमें बीमारी की छुट्टी के नियमों में बदलाव की योजना है.
इन बदलावों के तहत नियोक्ता (एम्प्लॉयर) कर्मचारियों से छुट्टी के पहले दिन से ही डॉक्टर का सर्टिफिकेट मांग सकते हैं. जिसमें मौजूदा व्यवस्था खत्म हो जाएगी, जिसके तहत कई कर्मचारी बिना किसी मेडिकल सबूत के तीन दिन तक बीमारी की छुट्टी पर रह सकते थे. सरकार के इस कदम का मकसद प्रोडक्टिविटी बढ़ाना और जर्मनी की अर्थव्यवस्था को सहारा देना है.
जर्मन सरकार ने घोषित किया आर्थिक सुधारों का पैकेज
बता दें कि जर्मन सरकार ने गुरुवार को 34 आर्थिक सुधारों का एक पैकेज घोषित किया है, जिसका मकसद विकास को बढ़ावा देना, नौकरशाही कम करना और अर्थव्यवस्था की चुनौतियों से निपटना है. इसमें सबसे ज्यादा चर्चा बीमारी की छुट्टी के नियमों में बदलाव की है. इसे मंजूरी मिलती है तो कर्मचारी नियोक्ता के मांगने पर मेडिकल डॉक्यूमेंट दिए बिना बीमारी की छुट्टी नहीं ले पाएंगे. इससे डॉक्टर के पास जाए बिना फोन के जरिए एक हफ्ते की बीमारी की छुट्टी लेने पर रोक लगेगी.
देश की प्रोडक्टिविटी को हो रहा नुकसान
जर्मन सरकार के मुताबिक, इन बदलावों का उद्देश्य जवाबदेही सुनिश्चित करना और काम की जगह पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति को कम करना है. दरअसल, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बार-बार शिकायत की थी कि जर्मनी में बीमारी की छुट्टी की दर बहुत ज्यादा है और इससे देश की प्रोडक्टिविटी को नुकसान हो रहा है.
उन्होंने ने प्रस्ताव की जानकारी देते हुए कहा कि ‘हम अपनी कंपनियों में बीमारी की छुट्टी के बहुत ज्यादा स्तर को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम फोन पर बीमारी की छुट्टी लेने की व्यवस्था खत्म कर रहे हैं और बीमारी के पहले दिन से ही मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने की जरूरत लागू कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि यह एक मुश्किल फैसला है लेकिन काम से लंबी अनुपस्थिति के कारण होने वाले कॉम्पिटिटिव नुकसान को हम अब और नहीं झेल सकते. जर्मनी की अर्थव्यवस्था को फिर से शुरू करने के लिए इन बदलावों की जरूरत है.
नई पॉलिसी से क्या बदलेगा
एम्प्लॉयर बीमारी के पहले दिन से ही डॉक्टर का सर्टिफिकेट मांग सकते हैं.
कर्मचारी बिना मेडिकल सबूत के कई दिनों तक छुट्टी पर घर पर नहीं रह पाएंगे.
कर्मचारी को सिर्फ फोन कॉल करके लंबी सिक लीव लेना ज्यादा मुश्किल हो जाएगा.
वर्कप्लेस पर मेडिकल लीव के लिए वेरिफिकेशन की जरूरतें और सख्त हो सकती हैं.
प्रस्ताव एम्प्लॉयर कोपहले दिन से ही डॉक्टर का सर्टिफिकेट मांगने की इजाजत दे देगा.
बता दें कि जर्मन सरकार के ये उपाय सरकार की ओर से घोषित कथित सुधार पैकेज का हिस्सा हैं.ये नियम अभी जमीन पर नहीं उतरे हैं. इनको लागू होने से पहले जरूरी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा.जर्मन सरकार के पैकेज में परिवारों के लिए टैक्स में कटौती, पेंशन में सुधार, ब्यूरोक्रेसी कम करने और आर्थिक ग्रोथ को बढ़ावा देने के उपाय शामिल हैं.

