Layoffs: नौकरी जाने के बाद भी मिलेगी 9 महीने की सैलरी, इस दिग्गज कंपनी ने कर दिया बड़ा ऐलान

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Microsoft Layoffs: महंगाई के इस दौर में नौकरीपेशा लोगों के लिए हर महीने घर का खर्च संभालना आसान नहीं रह गया है. मकान का किराया, बच्चों की पढ़ाई, इलाज, लोन की EMI और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच एक तय सैलरी ही लाखों परिवारों का सबसे बड़ा सहारा होती है. ऐसे में अगर किसी कर्मचारी को अचानक पता चले कि उसकी नौकरी जा रही है, तो उसके सामने सिर्फ करियर का संकट नहीं खड़ा होता, बल्कि आने वाले कई महीनों का पूरा आर्थिक हिसाब भी बिगड़ सकता है.टेक सेक्टर में पिछले कुछ समय से लगातार हो रही छंटनियों ने कर्मचारियों की चिंता और बढ़ा दी है.

छोटी कंपनियों से लेकर दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों तक, कई जगह लागत घटाने और कारोबार में बदलाव के नाम पर कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है. इसी बीच जानी-मानी टेक कंपनी Microsoft ने भी एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है. इस छंटनी से दुनियाभर में करीब 4800 कर्मचारियों के प्रभावित होने की बात सामने आई है. हालांकि, इस मुश्किल खबर के बीच नौकरी गंवाने वाले कुछ कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भी सामने आई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में प्रभावित कर्मचारियों के लिए कंपनी ने ऐसा सेवरेंस पैकेज तैयार किया है, जिसे टेक इंडस्ट्री के बेहतर पैकेजों में गिना जा रहा है. कुछ पात्र कर्मचारियों को कुल मिलाकर 39 हफ्तों यानी करीब 9 महीने की बेसिक सैलरी के बराबर भुगतान मिल सकता है.

कर्मचारियों को मिल सकती है 39 हफ्तों की सैलरी

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में नौकरी गंवाने वाले कुछ कर्मचारियों को 39 हफ्तों तक की बेसिक सैलरी के बराबर रकम मिल सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि छंटनी से प्रभावित हर कर्मचारी को सीधे 9 महीने की पूरी सैलरी दे दी जाएगी. किस कर्मचारी को कितना पैसा मिलेगा, यह उसकी पोस्ट, कंपनी के भीतर उसके लेवल और Microsoft में बिताए गए समय पर निर्भर करेगा.

लंबे समय से कंपनी के साथ काम कर रहे और तय पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा सेवरेंस मिलने की संभावना है. यही वजह है कि कुछ कर्मचारियों का कुल पैकेज 39 हफ्तों तक पहुंच सकता है, जबकि अन्य कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और पद के हिसाब से अलग रकम मिलेगी.

दुनियाभर में करीब 4800 कर्मचारियों पर असर

इस बार की छंटनी से दुनियाभर में लगभग 4800 कर्मचारियों के प्रभावित होने की बात कही गई है. बड़े स्तर पर होने वाली छंटनी किसी भी कर्मचारी के लिए चिंता का कारण होती है, लेकिन Microsoft की ओर से सामने आए सेवरेंस पैकेज ने खास तौर पर ध्यान खींचा है. नौकरी जाने के बाद सबसे बड़ी समस्या तुरंत नई नौकरी तलाशने और उस दौरान रोजमर्रा के खर्च संभालने की होती है. ऐसे में कई महीनों तक मिलने वाला आर्थिक सहयोग प्रभावित कर्मचारियों को कुछ समय दे सकता है.

सिर्फ सैलरी ही नहीं, दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी

रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी गंवाने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए राहत केवल सेवरेंस पे तक सीमित नहीं है. कंपनी की योजना में कुछ अन्य सुविधाओं का भी जिक्र किया गया है. प्रभावित कर्मचारी ने कंपनी में कितने समय तक काम किया है, इसके आधार पर उसे 6 महीने से लेकर 12 महीने तक स्टॉक वेस्टिंग का लाभ मिल सकता है. इसके अलावा छह महीने तक पेड हेल्थ इंश्योरेंस दिए जाने की बात भी सामने आई है. इस तरह पात्र कर्मचारियों को मिलने वाले पैकेज में बेसिक सैलरी से जुड़ा भुगतान, अतिरिक्त सेवरेंस, स्टॉक वेस्टिंग और सीमित अवधि के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं.

क्या सभी कर्मचारियों को मिलेगी 9 महीने की सैलरी?

इस खबर के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या छंटनी से प्रभावित सभी कर्मचारियों को 9 महीने तक की सैलरी मिलेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इसका जवाब नहीं है. 39 हफ्तों तक की सैलरी वाला लाभ सभी कर्मचारियों के लिए एक समान नहीं होगा. अमेरिका में नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को लगभग 60 दिनों तक बेसिक सैलरी मिलती रहने की बात कही गई है. इसके अलावा कंपनी कर्मचारी की पोस्ट, उसके लेवल और कंपनी में बिताए गए वर्षों के आधार पर अतिरिक्त सेवरेंस तय करेगी. इसी गणना के कारण कुछ कर्मचारियों का कुल भुगतान लगभग 9 महीने की बेसिक सैलरी तक पहुंच सकता है. यानी 39 हफ्तों का आंकड़ा अधिकतम लाभ पाने वाले कुछ पात्र कर्मचारियों से जुड़ा है, न कि हर प्रभावित कर्मचारी से.

कैसे तय होगा किस कर्मचारी को कितना पैसा मिलेगा?

Microsoft का सेवरेंस पैकेज कर्मचारियों के लेवल और कंपनी में उनकी सेवा अवधि के आधार पर तय किए जाने की बात कही गई है. यानी लंबे समय तक कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को उनकी पात्रता के अनुसार अधिक भुगतान मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, लेवल 64 या उससे नीचे के कर्मचारियों के लिए अलग गणना तय की गई है. ऐसे कर्मचारियों को कंपनी में हर 6 महीने की नौकरी के बदले एक हफ्ते की बेसिक सैलरी दिए जाने की बात कही गई है. वहीं, लेवल 65 से 67 के कर्मचारियों के लिए यह लाभ अधिक बताया गया है. इन कर्मचारियों को हर 6 महीने की नौकरी के बदले दो हफ्ते की बेसिक सैलरी मिल सकती है.

लेवल 64 या उससे नीचे वालों के लिए क्या नियम?

रिपोर्ट के अनुसार, जो कर्मचारी लेवल 64 या उससे नीचे आते हैं, उन्हें कंपनी में पूरे किए गए प्रत्येक 6 महीने के कार्यकाल के बदले एक सप्ताह की बेसिक सैलरी अतिरिक्त सेवरेंस के रूप में मिल सकती है. उदाहरण के तौर पर, किसी कर्मचारी ने कंपनी में लंबी अवधि तक काम किया है, तो उसके पूरे किए गए छह-छह महीने के कार्यकाल के आधार पर अतिरिक्त सेवरेंस की गणना की जाएगी. इस तरह सेवा अवधि बढ़ने के साथ पात्र भुगतान भी बढ़ सकता है.

लेवल 65 से 67 के कर्मचारियों को ज्यादा लाभ

लेवल 65 से 67 के कर्मचारियों के लिए सेवरेंस की गणना अलग बताई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस श्रेणी के कर्मचारियों को कंपनी में हर 6 महीने की नौकरी के बदले दो सप्ताह की बेसिक सैलरी मिल सकती है. इसका मतलब है कि समान सेवा अवधि होने पर ऊंचे लेवल के पात्र कर्मचारियों को लेवल 64 या उससे नीचे के कर्मचारियों की तुलना में अधिक अतिरिक्त सेवरेंस मिल सकता है.

इस पूरी व्यवस्था में कर्मचारी की पोस्ट, कंपनी के भीतर उसका लेवल और उसकी कुल सेवा अवधि सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इन्हीं आधारों पर तय होगा कि नौकरी गंवाने वाले कर्मचारी को कितना अतिरिक्त भुगतान मिलेगा और किन मामलों में कुल पैकेज 39 हफ्तों यानी करीब 9 महीने की बेसिक सैलरी तक पहुंच सकता है.

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