कर्नाटक सरकार ने गुटखा-तंबाकू पर 1 साल के लिए लगाया बैन, खरीदना-बेचना और बनाना सब पर प्रतिबंध

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Bengaluru: कर्नाटक सरकार ने राज्य में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू-निकोटीन वाले उत्पादों पर एक साल की रोक लगा दी है. यह प्रतिबंध सिर्फ बिक्री पर नहीं है. इसके साथ ही यह बैन बनाने में, स्टोर करने में, सामान को इधर से उधर भेजने-पहुंचाने में भी लागू रहेगा. जिसके बाद पूरे राज्य में जांच अभियान तेज कर दिया गया है. राज्य के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटीन वाले दूसरे संबंधित उत्पादों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है.

इस संबंध में अधिसूचना जारी

सरकार ने इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, ले जाने-पहुंचाने, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. विभाग ने 10 अगस्त को इस संबंध में अधिसूचना जारी की. इसमें कहा गया है कि यह रोक अधिसूचना जारी होने की तारीख से एक साल तक लागू रहेगी. यानी कर्नाटक में इन प्रतिबंधित उत्पादों के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए अब मुश्किल बढ़ सकती है. इस फैसले की खास बात यह है कि इसका दायरा काफी बड़ा रखा गया है.

केवल बेचने वालों को नहीं बनाया निशाना 

आम तौर पर गुटखा या पान मसाला पर रोक की बात सुनते ही लोगों का ध्यान दुकानों और बिक्री पर जाता है. लेकिन कर्नाटक के इस आदेश में केवल बेचने वालों को निशाना नहीं बनाया गया है. तंबाकू या निकोटीन वाले उत्पाद बनाने वालों पर भी रोक है. इन्हें गोदाम या किसी दूसरी जगह पर रखने वालों की भी जांच होगी. इसके अलावा एक जगह से दूसरी जगह सामान पहुंचाने और बाजार में बांटने वालों को भी प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है.

पूरी सप्लाई चेन को जांच के दायरे में रखा

सरकार ने इस बार पूरी सप्लाई चेन को जांच के दायरे में रखा है. इसका मतलब है कि अगर कोई प्रतिबंधित उत्पाद बाजार में पहुंच रहा है, तो विभाग केवल दुकान तक पहुंचकर जांच नहीं करेगा. सामान कहां बना, कहां रखा गया और किस रास्ते से बाजार तक पहुंचा, इसकी भी जानकारी जुटाई जा सकती है. खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग का कहना है कि प्रतिबंधित उत्पादों का सर्कुलेशन रोकने के लिए नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा.

पैक में सामान बेचने से बचने की कोशिश

आदेश में एक और महत्वपूर्ण बात कही गई है. कुछ ऐसे उत्पाद भी जांच के दायरे में आ सकते हैं जिन्हें अलग-अलग पैकेट में बेचा जाता है, लेकिन ग्राहक उन्हें आसानी से मिलाकर इस्तेमाल कर सकता है. यानी केवल अलग-अलग पैक में सामान बेचने से प्रतिबंध से बचने की कोशिश नहीं की जा सकेगी. अगर अंतिम उत्पाद में तंबाकू या निकोटीन मौजूद है या उत्पादों को मिलाकर उसका इस्तेमाल किया जा सकता है, तो विभाग ऐसे मामलों की भी जांच करेगा.

राज्यभर में कार्रवाई तेज

अधिसूचना जारी होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में कार्रवाई तेज कर दी है. फूड सेफ्टी अधिकारियों की निगरानी में जांच अभियान चलाया जा रहा है. इसका मकसद प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटीन वाले उत्पादों को बाजार में पहुंचने से रोकना है. अधिकारी ऐसे स्थानों की जांच कर सकते हैं जहां प्रतिबंधित सामान बनाए जाने, रखे जाने या बेचे जाने की जानकारी मिलती है. सरकार की कोशिश है कि प्रतिबंध केवल कागज पर न रहे, बल्कि बाजार में भी इसका असर दिखाई दे.

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