Nepal Flash Flood: नेपाल ने इन दिनों जो आपदा देखी है, उसे शब्दों में बता पाना लगभग नामुमकिन है. इस आपदा में जो लोग बह गए उनकी तलाश जारी है और जो बचें है, वो इतने सदमे में हैं कि कुछ बता भी नहीं पा रहे. देश की हालात अभी पटरी पर आई भी नही है कि एक और आफत का साया मंडरा रहा है. दरअसल, यहां की भोटेकोशी नदी के बढ़ते जलस्तर ने फिर से चिंता बढ़ा दी है.
ऐसे में राष्ट्रीय आपदा जोखिम और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रविवार को नया बाढ़ अलर्ट जारी किया है, साथ ही नदी के आसपास और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की है. इसके अलावा, स्थानीय अधिकारियों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. NDRRMA ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि रासुवा जिला प्रशासन को भोटेकोशी नदी में बाढ़ का बहाव बढ़ने की सूचना मिली है. जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा के जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है.
आपदा में मरने वालों की संख्या 691 पहुंची
इस बीच, नेपाल-तिब्बत में आए विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 691 हो गई है, जिसमें नेपाल में 675 और तिब्बत क्षेत्र के 16 लोगों के शामिल होने की जानकारी है. फिलहाल नेपाल में राहत एवं बचाव दल अब तक करीब 3000 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
बताया जा रहा है कि हिमालय में ग्लेशियर और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने से अचानक भारी बाढ़ आ गई. इस दौरान तेज पानी ने कई गांवों को अपनी चपेट में लिया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और घरों समेत अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा.
सुरंग में फंसे हैं 600 लोग
वहीं, सुवा की बाढ़ के चलते एक सुरंग में भी 600 लोगों के फंसे होने की आशंका है. यहां पर रेस्क्यू का काम शुरू नहीं हो पाया था क्योंकि पर्याप्त उपकरण नहीं थे. ऐसे में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान को तेज करने के लिए भारत, चीन और कोरिया की स्पेशल टीमें पहुंच गई हैं. भारत की ओर से 11 सदस्यों वाली विशेष टीम भेजी गई है, जो सुरंगों में फंसे लोगों को बचाने के काम में विशेषज्ञ है. यह टीम प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान में जुट गई है. वहीं चीन की सुरंग बचाव टीम भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य कर रही है. तीनों देशों की विशेषज्ञ टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद कर रही हैं.