Thailand Singapore Talks: जब दो देशों के प्रधानमंत्री एक साथ आकर सिंगर और म्यूजिशियन बन जाएं, तो कूटनीति भी सुरों में गूंजने लगती है. कुछ ऐसा ही थाईलैंड और सिंगापुर के पीएम ने बैंकॉक में कर दिखा है, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है. सिंगापुर-थाईलैंड नेताओं की बैठक के दौरान थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने साथ में गाना गाया और गिटार बजाया. हालांकि यह पहली बार नहीं है. इससे पहले जुलाई में ही थाईलैंड के पीएम ने इसी तरह मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम के साथ सूर मिलाया था.
अनुतिन ने सिंगापुर पीएम के साथ मिलाया सुर
बुधवार को हुई बैठक में पीएम अनुतिन चर्नविराकुल ने म्यूजिक बैंड द बीटल्स का मशहूर गाना “लेट इट बी” और बॉब डिलन का गाना “ब्लोइंग इन द विंड” गाया. वहीं, सिंगापुर के पीएम वोंग ने उनके साथ गिटार बजाया, जिसका एक वीडियो ऑनलाइन शेयर किया गया, जिसमें दोनों नेता साथ में परफॉर्म करते नजर आए. यह संगीत वाला खास पल दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए हुई बातचीत के बीच देखने को मिला. वहीं, सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के इस परफॉर्मेंस का यह वीडियो काफी पसंद किया जा रहा है. लोगों ने इसे दोनों देशों के बीच दोस्ती और पॉजिटिव डिप्लोमेसी की अच्छी मिसाल बताया.
नेताओं ने दोनों देशों के रिश्तों और क्षेत्रीय सहयोग पर की चर्चा
बता दें कि बैंकॉक में हुई यह बैठक अनुतिन और वोंग के बीच पहली सिंगापुर-थाईलैंड लीडर्स रिट्रीट थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने दोनों देशों के आपसी रिश्तों की समीक्षा की और कई क्षेत्रों में साथ काम करने पर चर्चा की, जिनमें खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई तकनीक, कनेक्टिविटी, फिनटेक और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्र शामिल हैं. साथ ही सिंगापुर और थाईलैंड ने रक्षा और आर्थिक सहयोग को भी जारी रखने की पुष्टि की. दोनों देश ग्रीन और डिजिटल इकनॉमी, ऊर्जा को मजबूत बनाने, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले क्राइम से लड़ने जैसे नए क्षेत्रों में भी साथ काम करने की संभावनाएं तलाशने पर सहमत हुए.
बैठक के दौरान वोंग ने कहा कि “प्रधानमंत्री अनुतिन और मेरे बीच आज बहुत खुलकर और अच्छे तरीके से बातचीत हुई. हमारे दोनों देशों के रिश्ते बहुत अच्छी स्थिति में हैं. इन रिश्तों की नींव नेताओं के स्तर पर एक-दूसरे पर काफी भरोसे और अच्छे संबंधों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच मजबूत संस्थागत रिश्तों पर टिकी है.”

