अब खुद को डिफेंस सेक्‍टर का भी पावरहाउस बनाने में जुटा चीन, ‘स्‍टील्‍थ बॉम्‍बर’ के परीक्षण से US के उड़े होश

Must Read

New Delhi: अब चीन खुद को डिफेंस सेक्‍टर का भी पावरहाउस बनाने में जुटा है. फाइटर जेट से लेकर ड्रोन और मिसाइल के क्षेत्र में चीन ने काफी प्रगति की है. चीन से एक ऐसी तस्‍वीर सामने आई है, जिसने अमेरिका के साथ ही चीन के भी होश उड़ा दिए हैं. चीन इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज स्‍टील्‍थ बॉम्‍बर का परीक्षण कर रहा है, जो प्रशांत महासागर से अटलांटिक तक एक सांस में उड़ान भरने में सक्षम है. यह बॉम्‍बर राफेल फाइटर जेट से भी ज्‍यादा खतरनाक है.

स्‍टील्‍थ फाइटर जेट के कई स्‍क्‍वाड्रन

इसे ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की भी जरूरत नहीं होगी. रिपोर्टों की मानें तो आज के डेट में चीन के पास 5th जेनरेशन स्‍टील्‍थ फाइटर जेट के कई स्‍क्‍वाड्रन हैं. चीन के एक नए इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज स्टील्थ फ्लाइंग-विंग विमान की नई फुटेज सामने आई है. शिनजियांग प्रांत में परीक्षण के दौरान उड़ते दिखाई दे रहे इस विमान को विशेषज्ञ चीन के संभावित नए मानवरहित रणनीतिक बॉम्बर के प्रोटोटाइप के रूप में देख रहे हैं.

हवाई स्ट्राइक क्षमता में बड़ा बदलाव

अगर इसकी क्षमताओं के मौजूदा आकलन सही साबित होते हैं तो यह चीन की लंबी दूरी की हवाई स्ट्राइक क्षमता में बड़ा बदलाव ला सकता है. नई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि विमान के अंदर काफी बड़ा वॉल्यूम उपलब्ध है. इससे इसमें बड़ी मात्रा में ईंधन के साथ-साथ पर्याप्त हथियारों को आंतरिक रूप से ले जाने की क्षमता होने का अनुमान है. फ्लाइंग-विंग डिजाइन इसे कम रडार सिग्नेचर बनाए रखने में मदद कर सकता है. चीन के इस इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज वाले मानवरहित स्टील्थ विमान की पहली उड़ान संबंधी तस्वीरें 19 अक्टूबर 2025 को सामने आई थीं.

तस्वीरों में मिली इस विमान की पहली झलक 

इससे पहले जून 2025 में शिनजियांग के मालान स्थित एक एयरफोर्स परीक्षण केंद्र के पास उपग्रह तस्वीरों में इस विमान की पहली झलक मिली थी. फिलहाल चीन लंबी दूरी के टार्गेट के खिलाफ अपनी हवाई मारक क्षमता के लिए मुख्य रूप से H-6 बमवर्षक के एक्‍सटेंडेड रेंज वाले वेरिएंट, लंबी दूरी की मिसाइलों और नए YY-20 एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकरों पर निर्भर करता है. हालांकि, ये प्लेटफॉर्म काफी सक्षम हैं, लेकिन स्टील्थ और इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज वाला नया विमान चीन को कहीं अधिक दूर तक ऑपरेशन करने की क्षमता दे सकता है.

हवाई पहुंच बनाने में मदद

डिफेंस एक्‍सपर्ट के मुताबिक, इतनी लंबी दूरी वाला मानवरहित विमान चीन को अटलांटिक, आर्कटिक और उससे आगे के क्षेत्रों तक हवाई पहुंच बनाने में मदद कर सकता है. विदेशी सैन्य अड्डों की सीमित उपलब्धता की स्थिति में लंबी रेंज चीन के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक लाभ बन सकती है.

इसे भी पढ़ें. भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौता सभी समझौतों की जननी, प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ में बोले बेल्जियम के पीएम

Latest News

Lucky Plants: खुद का मकान लेने का है सपना, तो घर में जरूर रखें ये पौधा

Lucky Plants For Home: किराए के मकान में रहने वाले लोगों का अक्सर अपना घर खरीदने का सपना होता...

More Articles Like This