भारत-बांग्लादेश के बीच फिर से दौड़ेगी रेल, जानिए कब और क्यों रुकी थीं रेल सेवाएं

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India-Bangladesh Relation: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर जमी बर्फ धीरे-धीरे पिघलने लगी है. ऐसे में दोनों देशों के रेलवे अधिकारी ढाका में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं, जिससे लंबे समय से बंद पड़ी सीमा पार यात्री ट्रेन सेवाओं के फिर से शुरू होने की उम्मीद बंध गई है.दरअसल, साल 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ शुरू हुए छात्रों के हिंसक आंदोलन के दौरान ही इन ट्रेनों को बंद कर दिया गया था. 

बता दें कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुरू होने वाली दो दिवसीय अंतर-सरकारी रेलवे बैठक (IGRM) में दोनों देशों के अधिकारी भारत-बांग्लादेश के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय यात्री ट्रेन सेवाओं को दोबारा बहाल करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे.

भारत-बांग्लादेश के बीच कौन-कौन सी ट्रेन सेवाएं?

  • मैत्री एक्सप्रेस: यह ट्रेन ऐतिहासिक रूप से ढाका को कोलकाता से जोड़ती है.
  • बंधन एक्सप्रेस: यह सेवा खुलना और कोलकाता के बीच चलती है.
  • मिताली एक्सप्रेस: यह ट्रेन ढाका को पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ती है.
  • इसके अलावा बैठकों के एजेंडे में राजशाही और कोलकाता के बीच एक नई यात्री ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव भी शामिल है, जिस पर दोनों पक्ष विचार कर रहे हैं.

क्यों और कब रुकी थीं रेल सेवाएं?

जुलाई, 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक और बड़े पैमाने पर राजनीतिक उथल-पुथल के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत आना पड़ा था, जिसके बाद से ही नई दिल्ली और ढाका के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था. शेख हसीना का भारत में रहना दोनों देशों के बीच एक बड़ा विवाद का बिंदु बन गया था और बांग्लादेश ने उनकी प्रत्यर्पण की मांग भी की थी. हालांकि इस साल की शुरुआत में हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत के साथ देश में नई सरकार सत्ता में आ चुकी है, जिसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच जमी बर्फ अब पिघलने लगी है.

मालगाड़ियों का संचालन शुरू 

Latest News

Mukesh Ambani ने लॉन्च किया अरुंधती भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘अपराजिता’ का हिंदी संस्करण, कामकाजी महिलाओं के लिए इकोसिस्टम बनाने की अपील

मुंबई में मुकेश अंबानी ने SBI की पूर्व चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘इंडोमिटेबल’ के हिंदी संस्करण ‘अपराजिता’ का लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने महिला नेतृत्व, Emotional Quotient और कामकाजी महिलाओं व माताओं के लिए मजबूत इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया.

More Articles Like This