अमेरिका में चुनाव से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप को लगा बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की डाक वोट पर रोक वाली मांग 

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US Politics: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों के लिए मेल बैलेट पर नए और व्यापक नियम लागू करने से रोक दिया, जो उनके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. दरअसल, ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका के लोगों को डाक की मदद से वोट डालने की बड़े स्तर पर अनुमति नहीं मिले, जिसके लिए उन्होंने नए नियम भी बनाए थे लेकिन निचली अदालत ने उनपर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके बाद ट्रंप सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपातकालीन अपील डाली थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने बिना हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा कि “सरकार के लिए यह साबित करना मुश्किल है कि जिला अदालत के शुरुआती आदेश को चुनौती देने के मामले में उसकी जीत की संभावना मजबूत है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन राहत देने के लिए जिन बातों पर विचार किया जाता है, वे इस मामले में प्रतिबंध हटाने के पक्ष में नहीं हैं.”

हालांकि, अभी इस फैसले से अंतिम रूप से यह तय नहीं हुआ है कि डाक सेवा भविष्य के चुनावों में ऐसे नियम लागू कर सकती है या नहीं. लेकिन यह सुनिश्चित हो गया है कि तीन नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों में इन नियमों का इस्तेमाल नहीं होगा.

लगभग एक तिहाई अमेरिकी मेल बैलेट से डालते हैं वोट

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, साल 2024 में करीब एक-तिहाई अमेरिकी मतदाताओं ने डाक के जरिए मतदान किया था. डाक सेवा ने अगस्त में ये नियम लागू किए थे. वहीं, इससे पहले मार्च में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत राज्यों को मतपत्रों के लिफाफों का नया डिजाइन बनाना पड़ता. उन पर चुनावी डाक का लोगों, मशीन से पढ़े जा सकने वाले फीचर और हर मतदाता के लिए अलग विशेष बारकोड लगाना जरूरी होता. इसके साथ ही राज्यों को इन डिजाइनों को संघीय मंजूरी के लिए भेजना पड़ता और मतदाताओं के नाम, पते तथा बारकोड की जानकारी एक नए डाक सेवा पोर्टल पर अपलोड करनी होती. वहीं, जो डाक सामग्री इन नियमों का पालन नहीं करती, उसे स्वीकार नहीं किया जाता और वापस राज्य के चुनाव अधिकारियों को भेज दिया जाता.

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मतदान शुरू होने के इतने करीब इस तरह के बदलाव लागू करना संभव नहीं है. नॉर्थ कैरोलिना और विस्कॉन्सिन पहले ही मतपत्र भेजना शुरू कर चुके थे. ऐसे में नॉर्थ कैरोलिना के अटॉर्नी जनरल जेफ जैक्सन ने कहा कि मतदान शुरू हो चुका है. चुनाव के बीच में नियम नहीं बदले जा सकते. ऐसे में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से जुड़े चुनाव अधिकारियों ने कोर्ट से 2026 के चुनाव के लिए इन नियमों को रोकने की मांग की थी. यूटा और मिशिगन के रिपब्लिकन अधिकारियों ने भी कोर्ट के फैसले का स्वागत किया.

क्या था ट्रंप सरकार का मकसद

बता दें कि ट्रंप सरकार का कहना था कि ये नियम संविधान के अनुरूप हैं और इनका मकसद चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाना है. वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले राज्यों और मतदान अधिकारों से जुड़ी संस्थाओं का तर्क था कि डाक सेवा चुनावों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है, जबकि अमेरिकी संविधान के अनुसार चुनावों का संचालन और नियमन मुख्य रूप से राज्यों की जिम्मेदारी होती है.

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