US India Tariff: अमेरिकी संसद में रूसी प्रतिबंधि कानून को मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता हैं, इन देशों में भारत और चीन भी शामिल हैं, क्योकि ये दोनों रूस के बड़े ऊर्जा खरीदार है. ऐसे में अब भारत सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर करारा जवाब दिया गया है.
भारतीय विदेश मंत्रायल की ओर से जारी बयान में लिखा गया है कि भारत सरकार ने अमेरिकी कांग्रेस में रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के पारित होने पर ध्यान दिया है. हम इस मामले में आगे होने वाली गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने कहा कि जैसा कि पहले भी कई बार कहा गया है, भारत अपने 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. वह अलग-अलग देशों से ऊर्जा प्राप्त करने और बाजार की बदलती स्थितियों के आधार पर ऐसा करना जारी रखेगा.
बता दें कि हाल ही के महीनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा हुई है. जिसमें भारतीय पक्ष ने बहुत साफ साफ बताया है कि इसके न केवल द्विपक्षीय संबंधों पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी क्या असर पड़ सकते हैं. भारतीय पक्ष ने अपने व्यापारिक और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अपना संकल्प भी स्पष्ट कर दिया है. सरकार इन घटनाक्रमों के असर से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और इंडस्ट्री के संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी.
क्या है अमेरिका के नए कानून में?
इस कानून का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ है, जिसे अब अमेरिकी संसद के दोनों सदनों ने पास कर दिया है. ऐसे में अब यह कानून बनने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा और उनके हस्ताक्षर के बाद से लागू हो सकता है. इससे राष्ट्रपति ट्रंप को टैरिफ लगाने की बहुत ज्यादा ताकत मिल जाएगी.
आपको बता दें कि यह बिल केवल रूस के नेताओं और उसके ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं करता, बल्कि इसमें उन जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रस्ताव है, जिन्हें ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है. इन जहाजों की मदद से रूस तेल की डिलीवरी पर लगे प्रतिबंधों से बचता है. इसके अलावा बिल ट्रंप को चीन, भारत और दूसरे देशों पर भारी टैरिफ लगाने की ताकत देता है, ताकि ये देश रूस से तेल और गैस न खरीद सकें. इसके साथ ही बिल में ईरान पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का भी प्रस्ताव है.

