Azamgarh Encounter: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपनी पत्नी और दो पंडितों की हत्या का आरोपी अरविंद सिंह एनकाउंटर में मारा गया. बीती रात आरोपी पुलिस से बचकर भाग रहा था. ऐसे में पुलिस ने उसपर गोली चलाई. जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई. पुलिस से बचने के लिए आरोपी अरविंद सिंह ने अपने बेटे को बंधक बना लिया था फिर उसने बच्चे पर ही गोली चला दी. आनन फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया. जहां उसकी मौत हो गई.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि 22 सितंबर की शाम 6 बजे अरविंद अपने घर पहुंचा. इस दौरान उसकी पत्नी बबीता सिंह पूजा-पाठ कर रही थी. पूजा के लिए 60 वर्षीय पंडित महेंद्र पाठक और 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा आए थे. ये सब देखकर अरविंद आग बबूला हो गया और बबीता से बहस करने लगा. दोनों की बहस बढ़ती गई. जिसके बाद अरविंद ने अपनी पत्नी पर गोली चला दी. इतना ही नहीं, उसने दोनों पंडितों को भी गोली मार दी.
घर में तीन बच्चे थे मौजूद Azamgarh Encounter
घटना के दौरान घर में अरविंद के तीन बच्चे भी थे. हत्या करने के बाद आरोपी अपने बच्चों को एक कमरे में ले गया और दरवाजा बंद कर लिया. इस मामले की जानकारी देते हुए एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि अरविंद को कमरे से बाहर बुलाने के लिए पुलिस ने काफी कोशिश की. लेकिन वो नहीं आया और न ही अपने बच्चों को आने दिया. पुलिस और आरोपी के बीच सात घंटे तक लगातार बातचीत चली. लाख कोशिशों के बाद भी वो सुबह तक कमरे में रुका रहा.
दरवाजा तोड़कर पुलिस की टीम अंदर गई
नवीन अरोड़ा ने बताया कि इसी दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज़ आई. जिसके बाद पुलिस के पास कोई और विकल्प नहीं था. पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और टीयर ग्रेनेड का इस्तेमाल कर कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर गई. अरविंद ने पुलिस पर 4-5 गोलियां चलाई.
पुलिस ने भी चलाई गोलियां
जिसके जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी तीन-चार राउंड फायरिंग की. आरोपी अपने बेटे को गोली मार चुका था. वहीं, वो अपनी बड़ी बेटी के पीछे छिपकर बचने की कोशिश कर रहा था. उसकी छोटी बेटी उसके हाथ से फिसलकर गिर गई थी.

