Real Estate Investment India: भारत के रियल एस्टेट बाजार में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है. वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितताओं और दूसरे बाजारों में निवेश के प्रति सतर्कता के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान इस क्षेत्र में कुल निवेश करीब 5.9 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि से 39% अधिक है. कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस निवेश में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही. वहीं, विदेशी निवेश में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है.
घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत
कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले नौ महीनों में रियल एस्टेट में कुल संस्थागत निवेश में घरेलू निवेशकों ने करीब 3.5 अरब डॉलर लगाए. यह कुल निवेश का लगभग 60 प्रतिशत है. घरेलू पूंजी के प्रवाह में सालाना आधार पर 59 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में अनिश्चितता के बावजूद भारतीय रियल एस्टेट बाजार की मजबूती बनी हुई है. घरेलू निवेश में बढ़ोतरी इस क्षेत्र में निवेश के अवसरों और बाजार की परिपक्वता को दर्शाती है.
विदेशी निवेश में भी 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी
जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान भारतीय रियल एस्टेट में विदेशी निवेश 17 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.4 अरब डॉलर हो गया. रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी निवेश का बड़ा हिस्सा डेवलपमेंट से जुड़े एसेट्स में लगाया गया. निवेशक अल्टरनेटिव, हॉस्पिटैलिटी और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स में लंबी अवधि में बेहतर वैल्यू बनाने पर ध्यान दे रहे हैं.
तीसरी तिमाही में निवेश 1.4 अरब डॉलर रहा
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश करीब 1.4 अरब डॉलर रहा. यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक है, हालांकि पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. कोलियर्स इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर बादल याग्निक ने बताया कि तीसरी तिमाही में घरेलू निवेशकों ने करीब 0.9 अरब डॉलर का निवेश किया, जो कुल निवेश का लगभग दो-तिहाई था.
उन्होंने कहा कि स्थानीय निवेशकों की प्राथमिकता अब भी कोर एसेट्स पर बनी हुई है. इस तिमाही में घरेलू निवेश का 46 प्रतिशत हिस्सा आवासीय और ऑफिस सेगमेंट में गया. याग्निक के मुताबिक, आवासीय क्षेत्र में निवेश मुख्य रूप से डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में किया गया, जबकि ऑफिस सेगमेंट में निवेशकों का ध्यान ज्यादातर पहले से संचालित एसेट्स पर रहा.
ऑफिस प्रॉपर्टी में निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार
रियल एस्टेट निवेश में ऑफिस एसेट्स की प्रमुख भूमिका रही. जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान कुल संस्थागत निवेश में ऑफिस प्रॉपर्टी की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही. इसके बाद मिक्स्ड-यूज और अल्टरनेटिव एसेट्स का स्थान रहा, जिनकी हिस्सेदारी करीब 16 से 17 प्रतिशत थी. रिपोर्ट के मुताबिक, अच्छी गुणवत्ता वाले ग्रेड-ए ऑफिस एसेट्स में लगातार लीजिंग गतिविधियों और लंबी अवधि में मांग की संभावनाओं के कारण निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है.
बेंगलुरु, चेन्नई और दिल्ली-NCR की बड़ी हिस्सेदारी
कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु, चेन्नई और दिल्ली-NCR की संयुक्त हिस्सेदारी देश में कुल रियल एस्टेट निवेश में करीब एक-तिहाई रही. इसके अलावा, कई शहरों से जुड़ी डील्स में सालाना आधार पर दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि निवेशकों की बदलती जोखिम-रिटर्न प्राथमिकताओं और घरेलू पूंजी की बढ़ती उपलब्धता से भारतीय रियल एस्टेट बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है. साथ ही, आने वाली तिमाहियों में विदेशी निवेश में भी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है.
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