Petrol Diesel Price Hike: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने आशंका जताई है कि सरकार नवंबर 2026 में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा सकती है. इसकी प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सरकारी तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान बताया जा रहा है. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कीमतें बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
चुनाव प्रचार तेज होने से पहले कीमतें बढ़ने की आशंका
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की लीड इकोनॉमिस्ट एलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद ने एक नोट में कहा है, ”हम मानते हैं कि नवंबर में कीमतों में बढ़ोतरी का एक आखिरी व्यवहारिक मौका हो सकता है. इसके बाद अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार तेज हो जाएगा.” दरअसल, वर्ष 2027 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में चुनावी गतिविधियां तेज होने से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, यह ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स का अनुमान है, सरकार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
कितने रुपये तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तथा मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. इससे भारत की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर लागत का दबाव बढ़ गया है. बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 9 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है.
ऐसे में कंपनियों के सामने कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बढ़ सकता है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि नवंबर में होने वाली संभावित बढ़ोतरी बहुत बड़ी नहीं होगी. अनुमान के मुताबिक, यह इस साल मई में हुई कुल 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी के मुकाबले करीब आधी हो सकती है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पेट्रोल और डीजल के दाम कितने रुपये प्रति लीटर बढ़ाए जाएंगे.
पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ तो बढ़ सकती है महंगाई
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता. ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई, परिवहन और अन्य सेवाओं की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है. ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की अर्थशास्त्री एलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद के अनुमान के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतें अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में खुदरा महंगाई दर को 6.2% तक और वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 6.5% तक पहुंचा सकती हैं. ये स्तर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 2 से 6% की निर्धारित महंगाई सीमा से ऊपर होंगे. रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई गई है कि महंगाई बढ़ने की स्थिति में RBI दिसंबर और फरवरी की मौद्रिक नीति बैठकों में रेपो रेट में 0.25-0.25% की बढ़ोतरी कर सकता है. ऐसा होने पर होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है.
आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
सरकारी तेल कंपनियों HPCL, IOCL और BPCL ने उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. वहीं, पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 88.66 रुपये और डीजल 84.56 रुपये प्रति लीटर है. दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के चित्तूर में पेट्रोल की कीमत 118.34 रुपये प्रति लीटर और डीजल 106.06 रुपये प्रति लीटर बताई गई है.
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