US work permit extensions: ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में वर्क परमिट के लिए मिलने वाले 540 दिनों को ऑटोमैटिक एक्सटेंशन को खत्म कर दिया है. यह कदम अमेरिका में रह रहे H-1B वीजा धारकों के लिए बड़ा झटका है. ऐसे में उन भारतीयों समेत हजारों विदेशी कामगारों को वापस लौटना पड़ सकता है, जिनके वर्क परमिट के नवीनीकरण के आवेदन अभी भी लंबित हैं.
दरअसल, अमेरिका के सिटिजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने बुधवार को इस बदलाव को आधिकारिक रूप दे दिया. ट्रंप प्रशासन ने इसे पहली बार पिछले साल 30 अक्टूबर को एक अंतरिम नियम के माध्यम से पेश किया था. इसके साथ ही H-1B और कई अन्य वीजा श्रेणियों के तहत आवेदकों को मिलने वाला यह ऑटोमैटिक विस्तार अब खत्म हो गया है.
बाइडन के कार्यकाल में हुआ शुरू
इस ऑटोमैटिक विस्तार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य नवीनीकरण आवेदनों के भारी बैकलॉग को कम करना और प्रोसेसिंग में देरी के कारण कर्मचारियों को अपना काम खोने से बचाना था. इसके बाद अप्रैल 2024 में अस्थायी रूप से फिर से लागू किया गया था. उसी साल दिसम्बर में इसे अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था.
किन लोगों पर होगा इस बदलाव का असर?
बता दें कि यह बदलाव H-1B वीजा धारकों के उन H-4 जीवनसाथियों को प्रभावित कर सकता है, जो अमेरिका में काम करने के लिए रोजगार प्राधिकरण पर निर्भर हैं. हालांकि, सभी विदेशी कामगारों पर इसका एक जैसा असर नहीं होगा. जैसे F-1 वीजा वाले छात्र अपने एम्प्लॉयमेंट अथरॉइजेशन के लिए STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ) विस्तान के लिए आवेदन कर रहे हैं, वे 180 दिनों के स्वतः विस्तार के पात्र बने रहेंगे. इसके लिए उन्हें समय पर आवेदन जमा करना होगा. इसी तरह L और E श्रेणी के वीजा धारकों के जीवनसाथी भी इमिग्रेशन दर्जे के तहत काम करने के लिए अधिकृत होंगे.
वीजा विस्तार पर ट्रंप का कड़ा रुख
अमेरिकी प्रशासन ने इमिग्रेशन पर सख्त नीति के तहत वीजा विस्तार की जांच को और सख्त करने का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्येश्य उस प्रथा को खत्म करना है, जिसके तहत गैर-आप्रवासी कर्मचारियों की वीजा विस्तार याचिकाओं पर विचार करते समय पहले दी गई मंजूरियों को आधार मान लिया जाता था. वहीं, नए प्रस्तावित ढांचे में अधिकारियों के हर आवेदन का अलग मूल्यांकन करने को कहा गया है. इससे विदेशी पेशेवरों के लिए वीजा का नवीनीकरण कराना और भी कठिन हो सकता है.

