New Delhi: पाकिस्तान में सरकारी अधिकारियों के विदेश जाकर बसने की योजना बनाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारी नौकरी में रहते हुए ही विदेश में स्थायी रूप से बसने की तैयारी कर रहे हैं. इस दावे पर पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी और पाकिस्तान मामलों के विशेषज्ञ तिलक देवशर ने तंज कसा है. तिलक देवशर ने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान के अधिकारी अपने ही देश के भविष्य को लेकर भरोसा खो रहे हैं.
डूबते जहाज को छोड़कर भागते चूहों से की तुलना
उन्होंने इसकी तुलना डूबते जहाज को छोड़कर भागते चूहों से की. तिलक देवशर ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ख्वाजा आसिफ के बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान में कुछ बेहद गलत हो रहा है. देवशर ने खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिलाया कि अधिकारियों के विदेश जाने की प्लानिंग नौकरी में रहते हुए बनाई जा रही है. उन्होंने पुर्तगाल का जिक्र करते हुए कहा कि यह ब्यूरोक्रेट्स के विदेश जाने के लिए नया पसंदीदा ठिकाना बन रहा है.
एक हिस्से की विदेश में बसने की योजना
इसके बाद देवशर ने तंज भरे अंदाज में सवाल किया कि क्या यह डूबते जहाज को छोड़कर भागते चूहों जैसा मामला है. देवशर की यह टिप्पणी पाकिस्तान की नौकरशाही के एक हिस्से की विदेश में बसने की योजना को लेकर है. ख्वाजा आसिफ ने 18 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट में पाकिस्तान के कुछ सरकारी अधिकारियों की देश के प्रति वफादारी पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकारी नौकरी में रहते हुए ही विदेश में स्थायी रूप से बसने की प्लानिंग कर रहे हैं.
दूसरे देशों को अपना स्थायी ठिकाना बनाया
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की नौकरशाही में काबिल और ईमानदार अधिकारी भी हैं, लेकिन पिछले कई सालों में कई अधिकारियों ने कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के दूसरे देशों को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है. उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारियों ने पाकिस्तान सरकार में काम करते हुए ही विदेश में बसने का प्लान बनाया है. उनके मुताबिक, इससे यह सवाल उठता है कि क्या ये अधिकारी अपने देश और सरकारी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध हैं.
प्रभावशाली नौकरशाहों से बड़ी रकम लेने के बाद फरार
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पुर्तगाल सरकारी अधिकारियों के विदेश में बसने के लिए पसंदीदा ठिकाना बन गया है. उन्होंने दावा किया कि स्थायी निवास की व्यवस्था कराने वाला एक व्यक्ति प्रभावशाली नौकरशाहों से बड़ी रकम लेने के बाद फरार हो गया. आसिफ ने हालांकि, कथित तौर पर विदेश में बसने की योजना बनाने वाले अधिकारियों के नाम नहीं बताए.
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