Death penalty in Florida: अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में 1986 में अपने सहयोगी की गोली मारकर हत्या करने के दोषी 77 वर्षीय विलियम रीव्स को मंगलवार को मृत्युदंड दे दी गई. उसे घातक इंजेक्शन लगाया गया. इस वर्ष फ्लोरिडा में मृत्युदंड पाने वाला वह 18वां कैदी है. राज्य में पिछले साल भी रिकॉर्ड 19 लोगों को फांसी दी गई थी, जबकि इस साल मृत्युदंड पाने वाले कैदियों में 70 वर्ष से अधिक उम्र के आठ लोग शामिल हैं. समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, रीव्स को स्टार्के के पास स्थित फ्लोरिडा स्टेट जेल में तीन दवाओं का घातक इंजेक्शन दिया गया. उसे शाम 6 बजकर 12 मिनट पर मृत घोषित किया गया.
अंतिम बयान देने के लिए पूछे जाने पर उसने कुछ भी कहने से मना कर दिया. मृत्युदंड का निर्धारित समय शाम 6 बजे होते ही कक्ष का पर्दा खोल दिया गया. रीव्स स्ट्रेचर पर बंधा हुआ था और उसकी बांह में इंजेक्शन लगाने के लिए नली लगी थी. इंजेक्शन दिए जाने के लगभग 30 सेकंड बाद उसने कई बार गहरी सांस ली और फिर उसका शरीर स्थिर हो गया. कुछ मिनट बाद जेल के वार्डन ने उसे आवाज दी और कंधे हिलाए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद चिकित्साकर्मी ने उसकी धड़कन और जीवन के अन्य संकेतों की जांच की और करीब एक मिनट बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया.
फ्लोरिडा में अगली फांसी 5 नवंबर को निर्धारित की गई है. इस दिन 64 वर्षीय जेसी गुआर्डाडो को घातक इंजेक्शन दिया जाना है. उसे वर्ष 2004 में मादक पदार्थ खरीदने के लिए एक महिला को लूटने और उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया गया था. अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सितंबर 1986 में रिचर्ड रैक्जकोव्स्की को वेरो बीच के एक सुविधा स्टोर पर आपातकालीन नंबर 911 से आई कॉल के बाद भेजा गया था.
रीव्स ने स्वीकार किया था कि उसने स्टोर के बाहर लगे सार्वजनिक फोन से यह कॉल की थी. जांचकर्ताओं के मुताबिक, दोनों के बीच बातचीत के दौरान रीव्स की बंदूक गिर गई. इसके बाद बंदूक पर कब्जे को लेकर दोनों में संघर्ष हुआ. रीव्स ने दोबारा बंदूक पर नियंत्रण हासिल कर लिया. रैक्जकोव्स्की ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन रीव्स ने उसे चार गोलियां मार दीं. घायल रैक्जकोव्स्की ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
पहली सजा रद्द, दूसरी बार भी मृत्युदंड
गोलीबारी के लगभग एक साल बाद रीव्स को पहली बार हत्या का दोषी ठहराया गया और मृत्युदंड सुनाया गया. हालांकि, अभियोजक के साथ हितों के टकराव से जुड़े मामले में फ्लोरिडा के सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दोषसिद्धि रद्द कर दी और नए मुकदमे का आदेश दिया. वर्ष 1992 में रीव्स को दोबारा दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई गई. इसके बाद उसकी अपीलें सफल नहीं हुईं. फ्लोरिडा के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह उसकी अंतिम अपीलें भी खारिज कर दी थीं. इसके बाद मृत्युदंड देने का रास्ता साफ हो गया. मालूम हो कि फ्लोरिडा में इस साल अब तक 18 कैदियों को मृत्युदंड दिया जा चुका है.

