Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और उनके पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर को लेकर एक नई रिपोर्ट में कई गंभीर दावे किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल के दौरान कुशनर की फोन गतिविधियों पर कथित तौर पर डच खुफिया एजेंसियों ने नजर रखी थी. इस दौरान विदेशी बैंक खातों और बड़ी रकम के लेन-देन से जुड़ी कुछ गतिविधियां सामने आने का दावा किया गया है. हालांकि, कुशनर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा और मनगढ़ंत बताया है.
वैनिटी फेयर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन कथित लेन-देन का संबंध खाड़ी देशों के कुछ प्रभावशाली नेताओं और उनके हितों से था. आरोप है कि इन वित्तीय गतिविधियों के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति तक उन नेताओं की बात और एजेंडा पहुंचाने की कोशिश की गई. फिलहाल, ये दावे रिपोर्ट में सामने आए आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.
कुशनर ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत कहानी
जेरेड कुशनर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रिपोर्ट के दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इन्हें बेहद आपत्तिजनक और पूरी तरह झूठा करार दिया. कुशनर के मुताबिक, रिपोर्ट में तथ्यों के बजाय कल्पनाओं और मनगढ़ंत बातों को पेश किया गया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस सामग्री के पीछे एक खास एजेंडा है और इसे पत्रकारिता का नाम देना गलत है. कुशनर की प्रतिक्रिया के बाद मामला और चर्चा में आ गया है. हालांकि, उनके बयान से जुड़े आरोपों और रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी महत्वपूर्ण है.
.@VanityFair posted an excerpt from a book containing outrageous and categorically false allegations.
The allegations made by this author are completely insane and never happened. We denied every one of these claims on the record, yet the author failed to provide a single shred of evidence to substantiate any of them. No bank statements, wire transfer records, account numbers, transaction dates, or other verifiable details were provided to support these extraordinary accusations.
During the period in question, I was one of the most scrutinized people in the world, subjected to intense media coverage, multiple congressional investigations, and a special counsel investigation. I voluntarily cooperated with these investigations, providing over 30 hours of testimony. None of these allegations ever surfaced, because none of these events ever happened.
These are outrageous fabrications being presented as investigative journalism. This is not journalism. It is a mixture of fantasy, fiction, and advocacy, written by someone who is either deeply disturbed or acting with sinister intent.
— Jared Kushner (@jaredkushner) October 22, 2026
एक आगामी किताब के हवाले से सामने आए दावे Donald Trump
इस पूरे विवाद का संबंध मैथ्यू कोल की आगामी किताब Princes and Thieves: Jared Kushner and Mohammed bin Zayed’s Secret Plot to Remake the Middle East से बताया जा रहा है. वैनिटी फेयर की रिपोर्ट इसी किताब के एक हिस्से पर आधारित बताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान डच खुफिया अधिकारियों ने कथित रूप से कुशनर के आईफोन की गतिविधियों पर निगरानी रखी थी. इसी दौरान कुछ विदेशी बैंक खातों और संदिग्ध बताए गए वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलने का दावा किया गया. हालांकि, उपलब्ध विवरणों के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इन कथित गतिविधियों के संबंध में कोई आधिकारिक जांच निष्कर्ष या कानूनी फैसला सामने आया है.
UAE से जुड़े खाते में 750 मिलियन डॉलर के ट्रांसफर का दावा
रिपोर्ट का एक प्रमुख हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़े एक बैंक खाते में बड़ी रकम के हस्तांतरण से संबंधित है. इसमें दावा किया गया है कि वतनी अल इमारात फाउंडेशन के नाम पर फर्स्ट अबू धाबी बैंक में मौजूद एक खाते में लगभग 750 मिलियन डॉलर ट्रांसफर किए गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, इस रकम का संबंध अजरबैजान के एक बैंक से था. वतनी अल इमारात फाउंडेशन को रिपोर्ट में UAE सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली चैरिटी संस्था बताया गया है. हालांकि, इस खाते में कथित रूप से आए धन और कुशनर की भूमिका के बीच संबंध को लेकर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है.
खाड़ी देशों के नेताओं से कथित संबंधों पर भी सवाल
रिपोर्ट में सऊदी अरब, UAE और इजरायल के नेताओं से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन का भी उल्लेख किया गया है. आरोप है कि इन गतिविधियों का इस्तेमाल अमेरिकी प्रशासन के सामने संबंधित नेताओं के हितों को आगे बढ़ाने के लिए किया गया हो सकता है.
यह मामला इसलिए भी (Donald Trump) संवेदनशील है क्योंकि कुशनर ट्रंप के पहले कार्यकाल में व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार थे और मध्य पूर्व से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका रही थी. ऐसे में विदेशी वित्तीय गतिविधियों और सरकारी नीतियों के बीच कथित संबंधों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. फिलहाल, एक ओर रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर कुशनर ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है. मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड, स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच से जुड़ी जानकारी का सामने आना जरूरी होगा.

