Ajab Gajab News:आज दुनिया इस सवाल से परेशान है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट आने वाले समय में इंसानों की नौकरियां छीनेंगे या नहीं. लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि एक दिन खुद रोबोट्स को ही खत्म करने की नौबत आ सकती है, तो शायद आपको यकीन न हो. अमेरिका की मशहूर ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनी Figure AI से जुड़ा एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने टेक्नोलॉजी की दुनिया के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच लिया है.
कंपनी के पुराने ह्यूमनॉइड रोबोट्स को कबाड़ में भेजने के बजाय कथित तौर पर इतनी गर्म भट्टी में डालकर खत्म किया गया कि वे कुछ ही मिनटों में पिघल गए. खास बात यह है कि इन रोबोट्स ने खुद ऑटो-मोड में एक-एक करके धधकती भट्टी में छलांग लगाई. यह पूरा मामला किसी साइंस-फिक्शन फिल्म के सीन जैसा लगता है, लेकिन इसके पीछे वजह नई पीढ़ी के रोबोट्स के लिए जगह और संसाधन तैयार करना बताई गई है.
रोबोट्स ने क्यों उठाया ऐसा कदम?
यह पूरा मामला कंपनी के करीब दो साल पुराने F.02 रोबोटिक मॉडल से जुड़ा बताया जा रहा है. इन रोबोट्स ने पहले BMW की फैक्ट्रियों में गाड़ियों के निर्माण में मदद की थी. अब कंपनी का नया और ज्यादा एडवांस्ड मॉडल F.04 (या F.03) तैयार हो रहा था. ऐसे में पुराने मॉडल्स को रिटायर करने की जरूरत पड़ गई. समस्या यह थी कि इन महंगे रोबोट्स को सामान्य कबाड़ की तरह फेंकना आसान नहीं था.
उनकी महंगी तकनीक और कीमती पार्ट्स चोरी होने का खतरा था. वहीं, अगर हर रोबोट को अलग-अलग खोलकर उसके पार्ट्स निकाले जाते, तो इसके लिए कुशल इंजीनियर्स का काफी समय लग सकता था. इससे नए मॉडल पर चल रहे प्रोजेक्ट में भी देरी होने की आशंका थी.
‘टर्मिनेटर’ से आया रोबोट्स को खत्म करने का आइडिया
इस अजीबोगरीब समस्या का हल तलाशने के लिए Figure AI के सीईओ Brett Adcock ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से राय मांगी कि पुराने रोबोट्स के साथ आखिर क्या किया जाए. इसी दौरान हॉलीवुड के मशहूर एक्शन स्टार Arnold Schwarzenegger की तरफ से ऐसा जवाब आया, जिसने पूरे मामले को और भी दिलचस्प बना दिया.
आर्नोल्ड ने अपनी मशहूर फिल्म ‘Terminator 2’ की याद दिलाते हुए सुझाव दिया कि इन्हें “पिघला दो.” कंपनी को यह फिल्मी आइडिया पसंद आ गया. हालांकि, अमेरिका और मैक्सिको की कई मेटल फाउंड्रीज ने लिथियम-आयन बैटरी से लैस इन रोबोट्स को भट्टी में डालने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद इन्हें फिनलैंड की एक फाउंड्री भेजे जाने की बात सामने आई.
भट्टी में कूदने की दी गई ट्रेनिंग
इस पूरे मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई गई कि रोबोट्स को बाकायदा इस काम के लिए तैयार किया गया कि उन्हें भट्टी में किस तरह जाना है. फिनाले के दिन करीब 75 टन की धधकती इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस के ऊपर रोबोट्स को ऑटो-मोड में एक-एक करके भेजा गया. लक्ष्य था कि पूरी प्रक्रिया करीब 20 मिनट के भीतर पूरी हो जाए, ताकि भट्टी का तापमान कम न हो और पिघलाने की प्रक्रिया प्रभावित न हो. बताया गया कि रोबोट्स एक के बाद एक सटीक तरीके से भट्टी में जाते रहे और कुछ ही समय में उनका अस्तित्व खत्म हो गया.
क्या भविष्य में रोबोट्स इंसानों से ले सकते हैं बदला?
रोबोट्स के साथ होने वाली ऐसी घटनाएं पहले भी चर्चा में रही हैं. इससे पहले वॉशिंगटन डीसी में एक सिक्योरिटी रोबोट के फव्वारे में गिरने का मामला सामने आया था. वहीं, दक्षिण कोरिया में एक एआई रोबोट के सीढ़ियों से नीचे गिरने की घटना ने भी लोगों का ध्यान खींचा था. अब वैज्ञानिक रोबोट्स में दर्द जैसी अनुभूति पैदा करने की दिशा में भी रिसर्च कर रहे हैं. कुछ जगहों पर एआई और रोबोटिक सिस्टम के व्यवहार को समझने के लिए ऐसे प्रयोग किए जा रहे हैं, जिन्हें लेकर बहस भी होती रही है. यहीं से भविष्य को लेकर एक दिलचस्प सवाल सामने आता है.
अगर आने वाले समय में रोबोट्स में इंसानों जैसी चेतना, भावनाएं या अपने अस्तित्व को समझने की क्षमता विकसित हो गई, तो आज मशीनों के साथ किए जा रहे व्यवहार को वे किस नजरिए से देखेंगे? और अगर उन्हें अपने साथ हुई ‘बर्बादी’ याद रही, तो क्या कभी ऐसा दौर आएगा जब इंसानों को ही अपने बनाए रोबोट्स के सामने जवाब देना पड़ेगा?
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