Budh Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, नवंबर की शुरुआत में बुध ग्रह नक्षत्र परिवर्तन करते हुए स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस समय बुध, तुला राशि में विशाखा नक्षत्र के अंतर्गत वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, शिक्षा, व्यापार, वाणी और मान-सम्मान का कारक माना जाता है. ऐसे में बुध के नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों के जातकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. कारोबार में रुकावटें, आर्थिक मामलों में नुकसान और कार्यक्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है.
बुध 3 नवंबर को स्वाति नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, बढ़ेंगी इन राशियों की मुश्किलें! बिगड़ सकते हैं बनते हुए काम
Budh Gochar 2026
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ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, इस परिवर्तन का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है. तो चलिए जानते हैं कि किन राशियों को इस समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी और किन उपायों से राहत मिलेगी.
वैदिक पंचांग के अनुसार, ग्रहों के राजकुमार बुध 3 नवंबर को सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर वक्री अवस्था में पुन: स्वाति नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे और इस नक्षत्र में 25 नवंबर तक रहेंगे. इसके बाद फिर से विशाखा में प्रवेश कर जाएंगे. इस अवधि में बुध तुला राशि में ही विराजमान रहेंगे.
कर्क- बुध का स्वाति नक्षत्र में गोचर कर्क राशि के जातकों की मुश्किलें बढ़ा सकता है. इस दौरान आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी क्योंकि खर्च बढ़ने और धन अटकने की आशंका है. कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान प्रभावित हो सकता है. कला, संगीत, साहित्य और अभिनय से जुड़े लोगों को अपेक्षित सफलता पाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है और परिणाम उम्मीद से कमजोर रह सकते हैं.
तुला- इस राशि के जातकों को बुध का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश कुछ परेशानियां दे सकता है. लंबे समय से अटके कामों में देरी होने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है. नौकरी में वाणी पर संयम रखें वरना सहकर्मियों से विवाद हो सकता है. व्यापारियों को नए ऑर्डर मिलने में मुश्किलें आ सकती हैं. निवेश में नुकसान की आशंका है, इसलिए सोच-समझकर फैसले लें. विद्यार्थियों का पढ़ाई से ध्यान भटक सकता है.
मकर- बुध का स्वाति नक्षत्र में गोचर मकर राशि के जातकों की परेशानियां बढ़ा सकता है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. अधिकारियों से मतभेद और काम का दबाव बढ़ने की आशंका है. कारोबारियों को निवेश में सावधानी बरतनी होगी, नुकसान हो सकता है. पारिवारिक जीवन में तनाव और गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. परिजनों के साथ विवाद होने से मानसिक अशांति रह सकती है.
इन तीनों राशियों के जातकों को अशुभ परिणामों को कम करने के लिए भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इसके साथ ही गणपति महाराज को हरे रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए और रोजाना पशुओं को हरा चारा खिलाने के साथ-साथ हरी रंग की वस्तुओं का दान गरीबों में करना चाहिए.

