01 September 2026 Ka Panchang: 1 सितंबर 2026, मंगलवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी, जो सुबह 7 बजकर 42 मिनट तक रहेगी. इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी. इस दिन रक्षा पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार मंगलवार को रात 11 बजकर 39 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा, जबकि अश्विनी नक्षत्र देर रात 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से मंगलवार का दिन कई शुभ योगों से जुड़ा है. ऐसे में दिनभर के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जानना महत्वपूर्ण है. तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं 1 सितंबर 2026 का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और रक्षा पंचमी से जुड़ी खास बातें.
01 सितंबर 2026 का पंचांग
- दिन: मंगलवार
- तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, सुबह 7:42 बजे तक. इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी.
- नक्षत्र: अश्विनी, देर रात 2:43 बजे तक
- योग: वृद्धि योग, रात 11:39 बजे तक
- विशेष: रक्षा पंचमी
1 सितंबर 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:51 बजे से 5:37 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 5:14 बजे से 6:23 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 1:03 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:43 बजे से 3:33 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:53 बजे से 7:16 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 6:53 बजे से 8:02 बजे तक
- अमृत काल: शाम 7:42 बजे से रात 9:15 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:23 बजे से 2 सितंबर की देर रात 2:42 बजे तक
- अमृत सिद्धि योग: सुबह 6:23 बजे से 2 सितंबर की देर रात 2:42 बजे तक
1 सितंबर 2026 को राहुकाल का समय
- दिल्ली: दोपहर 3:32 बजे से शाम 5:07 बजे तक
- मुंबई: दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:20 बजे तक
- चंडीगढ़: दोपहर 3:34 बजे से शाम 5:10 बजे तक
- लखनऊ: दोपहर 3:16 बजे से शाम 4:51 बजे तक
- भोपाल: दोपहर 3:29 बजे से शाम 5:03 बजे तक
- कोलकाता: दोपहर 2:45 बजे से शाम 4:19 बजे तक
- अहमदाबाद: दोपहर 3:48 बजे से शाम 5:22 बजे तक
- चेन्नई: दोपहर 3:14 बजे से शाम 4:47 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:58 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:42 बजे
रक्षा पंचमी क्यों है खास?
1 सितंबर को रक्षा पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. इसे रेखा पंचमी और शांति पंचमी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता के अनुसार, हर वर्ष रक्षाबंधन के ठीक पांचवें दिन रक्षा पंचमी मनाई जाती है. इस बार चतुर्थी तिथि मंगलवार सुबह 7:42 बजे समाप्त होने के बाद पंचमी तिथि शुरू होगी. रक्षा पंचमी पंचमी तिथि को मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता है कि जो लोग किसी कारण से रक्षाबंधन के दिन अपनी कलाई पर रक्षासूत्र नहीं बंधवा पाए या अपनी बहन से राखी नहीं बंधवा सके, वे रक्षा पंचमी के दिन रक्षासूत्र या राखी बंधवा सकते हैं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

