Dussehra 2026: दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है. इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था. वहीं, मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय के कारण भी इस दिन का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे के दिन रावण दहन, शमी वृक्ष की पूजा और दान-पुण्य जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं. वहीं, रावण दहन के बाद क्या करना चाहिए और किन कामों से बचना चाहिए ज्योतिष में इसकी भी जानकेरी दी गई है, तो चलिए जानते है दशहरे से जुड़ी जरूरी मान्यताओ के बारे में.
रावण दहन के बाद बची राख को लेकर क्या है मान्यता?
धार्मिक परंपरा में रावण को अहंकार और अधर्म का प्रतीक माना जाता है. रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार, दहन के बाद बची राख को घर में लाने से बचना चाहिए. हालांकि, राख घर में रखने से दुर्भाग्य आाता है इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. अलग-अलग क्षेत्रों में इस बारे में अलग-अलग परंपरााएं प्रचलित हैं.
दशहरे पर क्या करना माना जाता है शुभ?
शमी वृक्ष की पूजा
विजयादशमी पर शमी के पेड़ की पूजा करना शुभ माना जाता है. परंपरा के अनुसार, शमी की पत्तियां प्रियजनों को देकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.
दान-पुण्य करें
इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े या अन्य जरूरी सामान दाान कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं में दान को पुण्य का काम माना गया है.
शस्त्र और औजारों की पूजा
कई परिवारों में दशहरे पर शस्त्रों, वाहनों और काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों की पूजा की जाती है. यह परंपरा काम और साधनों के प्रति सम्मान जतानने से जुड़ी है.
नई चीजें खरीदें
कई लोग विजयादशमी पर सोना-चांदी या घर के लिए नई वस्तुएं खरीदना शुभ मानते हैं.
दशहरे पर किन कामों से बचना चाहिए?
- पेड़-पौधों और जीवों को नुकसान न पहुंचाएं: त्योहार मनाते समय पर्यावरण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा का ध्याान रखें.
- विवाद और अपमान से बचें: दशहरे का संदेश बुराई पर अच्छाई की जीत है. इसलिए दूसरों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करें और क्रोध, अहंकार व झगड़े से दूर रहने का प्रयाास करें.
- खानपान में परंपराओं का ध्यान रखें: कई परिवार इस दिन सात्विक भोजन करते हैं और मांस-मदिरा से परहेज करते हैं. यह परिवाार और क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं पर निर्भर करता है.

