Karwa Chauth: पति के दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर 29 अक्टूबर (गुरुवार) को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा. इसको लेकर सुहागिनों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है. वह पर्व से संबंधित सामनों की खरीददारी के साथ ही संजने-संवरने में जुट गई है. सोलहों श्रृंगार के बीच सौभाग्यवती महिलाएं विश्वास और प्रेम के साथ इस पर्व को मनाएंगी. प्राणनाथ के लिए पूरे दिन व्रत रखने के बाद देर शाम प्राणप्रिये चांद के बीच चलनी प्राणनाथ का दीदार करेंगी.
पर्व को लेकर सुहागिनों में उत्साह
इस पर्व को लेकर व्रत रखने वाली सुहागिनों में पिछले कई दिनों से उत्साह है. पर्व से एक दिन पूर्व बुधवार को महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. महिलाएं पर्व की तैयारी में जुटी हुई है. पर्व से संबंधित सामानों की खरीददारी के साथ ही संजने-संवने का क्रम भी जारी है. सुहागिनें महंगाई की परवाह न करते हुए पर्व से संबंधित सामानों की खरीदारी कर रही है. बुधवार की देर रात सहित पर्व के दिन गुरुवार को दोपहर तक खरीददारी का सिलसिला जारी रहेगा.

अपने सौंदर्य पर पक्की मुहर लगएंगी सुहागिनें
पर्व के दिन गुरुवार की शाम व्रत रखने वाली महिलाएं अपने उन आलमारियों को खोलने का कार्य शुरु कर देंगी, जिसमें उन्होंने अपना गहना सहित अन्य श्रृंगार का सामान रखा होगा. इन्हें निकालने के बाद वह आईना के सामने बैठ जाएंगी. कोई व्रती एक घंटा तक श्रृंगार करने के बाद अपने सौंदर्य पर पक्की मुहर लगएगी, तो कोई डेड़ घंटे तक तैयार होने के बाद.
जिन घरों में कई महिलाएं रहेंगी व्रत, वहां दिखेगा अलग उत्साह
जिन घरों में दो से पांच की संख्या में महिलाअ ने इस व्रत को रखा होगा, उस घर का उत्साह देखते ही बनेगा. वह एक-दूसरे से यह सलाह-मशविरा करती नजर आएंगी कि आज होठों पर किस कलर की लिपिस्टिक लगाऊ और अपने पति परमेश्वर के लिए गोटेदार या फिर सितारे वाली साड़ी पहनू.
प्राणनाथ द्वारा पानी पिलाने के बाद प्रसाद ग्रहण करेंगी प्राणप्रिये
दिनभर व्रत रहने और शाम को सोहलों श्रृंगार करने के बाद सुहागिने विधि-विधान के अनुसार, पूजा की थाली और चलनी लेकर मकानों के छतों पर पहुंचेंगी. चलनी से चांद को देखने के बाद सजना का दीदार करेंगी. प्राणनाथ द्वारा पानी पिलाने के बाद प्राणप्रिये प्रसाद ग्रहण करते हुए इस व्रत को पूरा करेंगी.
करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त
उदया तिथि के अनुसार, करवा चौथ का व्रत 29 अक्तूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा. इस साल चतुर्थी तिथि की शुरुआत 29 अक्तूबर 2026 को सुबह 1 बजकर 6 मिनट पर होगी और इसका समापन 29 अक्तूबर को रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा.
करवा चौथ पर व्रत रखने का समय सुबह 6 बजकर 31 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. वहीं, करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. इस दौरान महिलाएं विधि-विधान से करवा माता की पूजा-अर्चना कर सकती हैं.
करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद?
करवा चौथ के दिन चंद्रोदय रात 8 बजकर 17 मिनट पर होने की संभावना है. चंद्रमा के दर्शन करने के बाद महिलाएं उन्हें अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण कर सकती हैं.
करवा चौथ का महात्मय
कार्तिक मास में चतुर्थी तिथि को पडऩे वाले इस पर्व को करवा चौथ कहते हैं. इसका व्रत महापुण्य दायक होता है. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से महिलाओं के पति की आयु जहां लंबी होती है, वहीं उसे सुख समृद्धि भी मिलती है. पांडवों की रक्षा के लिए इस व्रत को द्रोपदी ने भी रखा था. चांद निकलने के साथ ही चलनी में पति के दर्शन किया जाता है. बाद में पति के हाथ से पानी पीकर व्रत का पारण किया जाता है.
सर्राफा बाजार में चहल-पहल
पर्व के चलते गुरुवार को सर्राफा बाजार और कपड़ें की दुकानें गुलजार नजर आई. श्रृंगार के क्रम में गहनों की बड़ी भूमिका होती है. इस मौके पर महिलएं नए फैशन और डिजाइनदार गहनों की खरीददारी करने के लिए दुकानों पर पहुंच रही है. इसके साथ ही कपड़ों की दुकानें भी ग्राहकों से गुलजार दिख रही है. बुधवार की देर रात तक खरीददारी का क्रम बने रहने की उम्मीद है.
ब्यूटीपार्लर पहुंच रही सुहागिनें
करवा चौथ के पर्व पर महिलाओं में संजने सवंरने की भी होड़ रहती है. पिया के सामने सोलहों श्रृंगार कर जाने के लिए सुहागिनों में जोश-खरोश और उत्साह दिख रहा है. महिलाएं ब्यूटीपार्लरों में फेशियल, बाल कटिंग तथा फेश वाश के लिए पहुंच रही है. सुहागिनें हथेलियों पर आकर्षक मेंहदी भी रचा रहा है.