01 July 2026 Ka Panchang: बुधवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

01 July 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है. माना जाता है कि सही समय पर किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक होती है. 1 जुलाई 2026, बुधवार का दिन कई दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है. इस दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ होगी.

साथ ही दिन के अधिकांश समय तक इंद्र योग का प्रभाव रहेगा, जिसे सरकारी कार्यों, प्रशासनिक मामलों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ माना जाता है. इसके अलावा पूरे दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संयोग रहेगा. वहीं इस दिन सिख पंथ के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद सिंह जी की जयंती भी मनाई जाएगी. आइए जानते हैं 1 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का महत्व.

01 जुलाई 2026 का पंचांग

आषाढ़ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगी. इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी. इस दिन इंद्र योग शाम 4 बजकर 5 मिनट तक रहेगा. उत्तराषाढ़ा नक्षत्र पूरे दिन और पूरी रात रहेगा तथा अगले दिन यानी 2 जुलाई की सुबह 9 बजकर 28 मिनट तक प्रभावी रहेगा.

विशेष पर्व: गुरु हरगोबिंद सिंह जयंती.

01 जुलाई 2026 के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:39 बजे से 5:22 बजे तक रहेगा.
  • अभिजीत मुहूर्त इस दिन नहीं रहेगा.
  • विजय मुहूर्त दोपहर 2:55 बजे से 3:48 बजे तक रहेगा.
  • गोधूलि मुहूर्त शाम 7:19 बजे से 7:41 बजे तक रहेगा.

01 जुलाई 2026 के अशुभ मुहूर्त

  • राहुकाल दोपहर 12:42 बजे से 2:22 बजे तक रहेगा.
  • आडल योग सुबह 6:51 बजे से 2 जुलाई की रात 2:49 बजे तक रहेगा.
  • गुलिक काल सुबह 11:03 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक रहेगा.
  • दुर्मुहूर्त दोपहर 12:16 बजे से 1:09 बजे तक रहेगा.
  • वर्ज्य दोपहर 3:43 बजे से शाम 5:29 बजे तक रहेगा.
  • बाण चोर सुबह 6:16 बजे से पूरी रात्रि तक रहेगा.

प्रमुख शहरों का राहुकाल

  • दिल्ली में राहुकाल दोपहर 12:25 बजे से 2:09 बजे तक रहेगा.
  • मुंबई में दोपहर 12:42 बजे से 2:22 बजे तक रहेगा.
  • चंडीगढ़ में दोपहर 12:27 बजे से 2:12 बजे तक रहेगा.
  • लखनऊ में दोपहर 12:10 बजे से 1:54 बजे तक रहेगा.
  • भोपाल में दोपहर 12:24 बजे से 2:05 बजे तक रहेगा.
  • कोलकाता में सुबह 11:40 बजे से दोपहर 1:22 बजे तक रहेगा.
  • अहमदाबाद में दोपहर 12:43 बजे से 2:24 बजे तक रहेगा.
  • चेन्नई में दोपहर 12:13 बजे से 1:49 बजे तक रहेगा.

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय सुबह 5:26 बजे होगा.
  • सूर्यास्त शाम 7:22 बजे होगा.

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उत्तराषाढ़ा 27 नक्षत्रों में 21वां नक्षत्र माना जाता है. यह शुभ नक्षत्रों की श्रेणी में शामिल है. इसका पहला चरण धनु राशि में तथा शेष तीन चरण मकर राशि में स्थित होते हैं. उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अधिष्ठाता देव विश्वेदेव हैं. विश्वेदेव में दस देवताओं का समावेश माना गया है, जिनमें इंद्र, अग्नि, सोम, त्वष्टा, रुद्र, पूषा, विष्णु, अश्विनी कुमार, मित्रावरुण और अंगीरस शामिल हैं.

इस नक्षत्र का प्रतीक हाथी का दांत माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित, मेहनती और परंपराओं का सम्मान करने वाले होते हैं. ऐसे जातक अपने प्रयासों से सफलता प्राप्त करने में सक्षम माने जाते हैं और अनुशासन व संस्कारों को विशेष महत्व देते हैं.

ज्योतिष के अनुसार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के दौरान शिल्पकला से जुड़े कार्य, शिक्षा का आरंभ, वास्तु शांति, कृषि संबंधी कार्य तथा अन्य शुभ मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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