Pitru Paksha 2026: आज से पितृपक्ष माह की शुरुआत हो रही है. पितृपक्ष का समय पितरों को अर्पित है. इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के नाम पूजा-श्राद्ध करते हैं और उनका तर्पण करते हैं.
Pitru Paksha 2026 तर्पण का समय
शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में तर्पण करने के लिए सबस अच्छा समय कुतुप काल होता है.
- कुतुप मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक
- रौहिण मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से 03 बजकर 36 मिनट तक
- अपराह्न काल – दोपहर 01 बजकर 12 मिनट से 03 बजकर 36 मिनट तक
पूजा मंत्र
- ॐ पितृभ्यः नमः
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।
क्या है पितरों को जल चढ़ाने का नियम
- तर्पण करते वक्त दक्षिण दिशा की ओर मुख करें. इस दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है.
- तर्पण करते वक्त जनेऊ दाएं कंधे पर रखें. अगर आप जनेऊ नहीं पहनते हैं, तो शरीर के ऊपरी हिस्से को कपड़े से ढक लें.
- तर्पण के लिए तांबे के पात्र में जल, दूध, काले तिल और जौ मिलाएं.
- फिर अपने हाथों से अंजलि बनाकर तीन बार जल अर्पित करें और हर बार मंत्र का जाप करें.
- तर्पण के दौरान पवित्रता का ख्याल रखें.
(अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न जानकारियों पर आधारित है. ‘The Printlines’ इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

