नवरात्रि से पहले घर में से हटा दें ये चीजें, सालभर बना रहेगा सकारात्मक वातावरण

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Shardiya Navratri: शारदीय नवरात्रि का इंतजार अब खत्म होने वाला है. दरअसल, 11 अक्टूबर से मां दुर्गा की आराधना का यह पावन पर्व शुरू होगा और पूरे नौ दिनों तक भक्त माता की पूजा-अर्चना में लीन रहेंगे. ऐसे में नवरात्रि को लेकर घरों में भी साफ-सफाई और तैयारी शुरू हो जाती है. लेकिन क्या आपको पता है कि नवरात्रि शुरू होने से पहले घर में रखी कुछ चीजें हटा देना चाहिए. 

ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का वातावरण सकारात्मक हो तो इसका असर परिवार के सुख-समृद्धि पर भी पड़ता है. इसी को लेकर ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि से पहले घर की साफ-सफाई के साथ कुछ ऐसी चीजों को भी हटा देना चाहिए, जिन्हें वास्तु में नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है.

अवश्य सही कर लें वास्तु दिशा 

नवरात्री से पहले घर के वास्तु दिशा अवश्य सही कर लेनी चाहिए, जिससे घर में साल भर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे. सबसे पहले घर में पड़ी पुरानी और टूटी हुई झाड़ू को भी हटा देना चाहिए. झाड़ू को ज्योतिष में मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में अगर घर में झाड़ू पूरी तरह टूट चुकी है या इस्तेमाल के लायक नहीं बची है, तो उसे लंबे समय तक घर में रखने से बचना चाहिए.

पूजा स्थल से हटा दें खंडित मूर्ति या तस्वीर 

इसके बाद घर के पूजा घर या घर के किसी दूसरे हिस्से में देवी-देवताओं की कोई मूर्ति या तस्वीर खंडित हो चुकी है, तो उसे पूजा स्थान पर रखकर नियमित पूजा नहीं करनी चाहिए. मान्यता के अनुसार खंडित प्रतिमाओं की पूजा नहीं की जाती है. हालांकि ऐसी मूर्तियों को सामान्य कूड़े में फेंकना भी उचित नहीं माना जाता. श्रद्धा और स्थानीय परंपरा के अनुसार इन्हें किसी पवित्र स्थान पर विधि से विसर्जित या स्थापित किया जा सकता है.

मुख्य द्वार पर न रखें कांटेदार या मुरझाये पौधे

वहीं, यदि घर के अंदर या मुख्य दरवाजे के आसपास ऐसे कांटेदार पौधे रखे हैं, जिनसे लगातार चुभन या असुविधा होती है, तो नवरात्रि से पहले उनकी जगह और स्थिति पर बदल देना चाहिए. इसी तरह घर में रखे सूखे फूल, पुरानी माला और लंबे समय से रखी पूजा सामग्री को भी बिना जरूरत जमा करके नहीं रखना चाहिए. नवरात्रि मां दुर्गा की उपासना और घर में सकारात्मक माहौल बनाने का पर्व माना जाता है.

मुख्य द्वार के सामने करे यह उपाय

वहीं नवरात्रि में कलश स्थापना से पहले घर के मुख्य दरवाजे को भी सजाने की परंपरा है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार आम, केला या अशोक के पत्तों का पल्लव बनाकर मुख्य द्वार पर तोरण लगाया जा सकता है. इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसके साथ ही घर के मुख्य दरवाजे पर मां दुर्गा के चरण चिह्न बनाने की भी परंपरा है.
मान्यता है कि इससे घर में देवी के स्वागत का भाव बनता है. यदि संभव हो तो मुख्य द्वार के पास साफ लोटा में शुद्ध जल रखकर उसमें फूल भी डाले जा सकते हैं. नवरात्रि के दौरान रोजाना इसे बदलकर ताजा जल रखा जाए तो घर का वातावरण भी स्वच्छ और सुंदर बना रहता है.
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