FY26 में मजबूत वृद्धि के बाद ऑटो इंडस्ट्री की रफ्तार में FY27 में आ सकती है नरमी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Auto Sector Growth India: भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इस समय दो अलग-अलग संकेत दे रहा है. एक तरफ जहां चालू वित्त वर्ष 2026 में बिक्री और मांग में मजबूत तेजी देखने को मिली है, वहीं दूसरी ओर आने वाले समय में इस रफ्तार के धीमे पड़ने के संकेत भी सामने आने लगे हैं.

रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जीएसटी दरों में कटौती और आर्थिक गतिविधियों में सुधार ने ऑटो इंडस्ट्री को बड़ा सहारा दिया है, लेकिन आगे कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं.

जीएसटी कटौती बनी ग्रोथ का सबसे बड़ा कारण

रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि जीएसटी दरों में बदलाव ने मांग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. दोपहिया वाहनों की कीमतें अपेक्षाकृत किफायती हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बढ़ी है.

वहीं कमर्शियल वाहनों के बेड़े तैयार करना भी पहले के मुकाबले सस्ता हो गया है. इसका सीधा असर यह हुआ कि बाजार में खरीदारी बढ़ी और ऑटो सेक्टर में नई जान आ गई.

कमर्शियल वाहन सेगमेंट में जबरदस्त उछाल

कमर्शियल वाहन सेगमेंट ने इस ग्रोथ को सबसे ज्यादा मजबूती दी है. माल ढुलाई में तेजी, इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में बढ़ोतरी और जीएसटी के कारण लागत में कमी — इन तीनों ने मिलकर इस सेगमेंट को आगे बढ़ाया है.

फरवरी 2026 में वाणिज्यिक वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 23.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं वित्त वर्ष 2026 के पहले 11 महीनों में घरेलू थोक बिक्री 12.5 प्रतिशत बढ़ी है. खुदरा बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखा गया, जहां महीने-दर-महीने 28.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

एलसीवी सेगमेंट को मिला खास फायदा

हल्के वाणिज्यिक वाहन यानी एलसीवी सेगमेंट को भी इस बदलाव का सीधा फायदा मिला है. अंतिम मील डिलीवरी में सुधार और लागत में कमी के कारण इस सेगमेंट की मांग बढ़ी है. रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में इस सेगमेंट में 7 से 9 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना है, जबकि वित्त वर्ष 2027 में यह घटकर 4 से 6 प्रतिशत रह सकती है.

दोपहिया वाहन बाजार में लौटी रफ्तार

दोपहिया वाहन सेगमेंट में भी लंबे समय बाद मजबूती देखने को मिल रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ी है, फाइनेंसिंग की उपलब्धता बेहतर हुई है और जीएसटी के कारण कीमतों में राहत मिली है. इन सभी कारणों से वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की बिक्री कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की संभावना जताई गई है.

आगे क्यों धीमी पड़ सकती है ग्रोथ

हालांकि रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यह तेजी हमेशा नहीं बनी रहेगी. उच्च वित्तपोषण लागत, पुराने वाहनों की बढ़ती मांग और उच्च आधार प्रभाव जैसे कारण आने वाले समय में ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं. इसी वजह से वित्त वर्ष 2027 में ग्रोथ दर घटकर 3 से 5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है.

ग्रामीण मांग और आय बनी रहेगी सहारा

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्रामीण आय में सुधार और वाहनों के प्रतिस्थापन चक्र से मांग को समर्थन मिलता रहेगा. खासतौर पर 350 सीसी से कम के दोपहिया वाहनों की मांग में बढ़ोतरी देखी जा सकती है, क्योंकि ये आम लोगों के बजट में आसानी से फिट होते हैं.

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