Dhanteras 2026: धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना भारतीय परिवारों में शुभ परंपरा माना जाता है. इस साल 6 नवंबर को धनतेरस मनाई जाएगी. ऐसे में अगर आप भी इस अवसर पर सोने का सिक्का खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल उसकी चमक, डिजाइन या कीमत देखकर फैसला न करें. बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट के सिक्के उपलब्ध होते हैं, वहीं लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर वाले सिक्कों की भी काफी मांग रहती है. लेकिन सिक्के पर देवी-देवताओं की आकृति होने का मतलब यह नहीं है कि वह शुद्ध सोने का ही बना है. इसलिए खरीदारी से पहले उसकी शुद्धता, वजन, निर्माता और पक्के बिल की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि त्योहार के मौके पर आपकी खरीदारी सुरक्षित और सही रहे.
धनतेरस पर सोने का सिक्का खरीदना क्यों माना जाता है शुभ?
धनतेरस का संबंध भगवान धन्वंतरि और समुद्र मंथन की पौराणिक कथा से जुड़ा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी खरीदना घर में धन, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यही वजह है कि धनतेरस पर बड़ी संख्या में लोग सोने-चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदते हैं. कई परिवार धनतेरस पर लक्ष्मी-गणेश की आकृति वाले सोने के सिक्के खरीदकर दिवाली की पूजा में शामिल करते हैं. हालांकि, धार्मिक दृष्टि से सोने का सिक्का खरीदना अनिवार्य नहीं है. आप अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार चांदी का सिक्का भी पूजा में रख सकते हैं. पूजा में श्रद्धा का महत्व है, महंगे सोने के सिक्के का नहीं.
24 कैरेट या 22 कैरेट, कौन सा सोने का सिक्का खरीदना बेहतर?
सोने की शुद्धता कैरेट और फाइननेस के आधार पर मापी जाती है. बाजार में आमतौर पर 24 कैरेट और 22 कैरेट के सोने के सिक्के मिलते हैं. दोनों में शुद्धता का अंतर समझना जरूरी है.
- 24 कैरेट सोना (999 फाइननेस): इसमें लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है. इसे अधिक शुद्ध माना जाता है.
- 22 कैरेट सोना (916 फाइननेस): इसमें लगभग 91.6 प्रतिशत सोना होता है, जबकि बाकी हिस्सा अन्य धातुओं का होता है.
अगर आप निवेश के उद्देश्य से सोने का सिक्का खरीद रहे हैं, तो उसकी शुद्धता और दोबारा बेचने पर मिलने वाली कीमत की जानकारी जरूर लें. खरीदारी के समय सिक्के पर दर्ज फाइननेस और बिल में दी गई जानकारी का मिलान करना भी जरूरी है.
क्या हर सोने के सिक्के पर HUID होना जरूरी है?
सोने का सिक्का खरीदते समय कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या उस पर HUID नंबर होना जरूरी है? भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार, सोने के आभूषणों पर लागू अनिवार्य हॉलमार्किंग के नियम 999 और 995 शुद्धता वाले गोल्ड बुलियन और सिक्कों पर उसी तरह लागू नहीं होते. ऐसे सिक्कों की BIS हॉलमार्किंग केवल स्वीकृत रिफाइनरी या मिंट ही कर सकती हैं. इसलिए किसी सोने के सिक्के पर HUID नंबर न होना अपने आप में उसके नकली होने का प्रमाण नहीं है. खरीदार को सिक्के का वजन, शुद्धता, निर्माता का नाम, पैकिंग और विक्रेता की विश्वसनीयता जांचनी चाहिए. इसके साथ ही खरीदारी का पक्का बिल जरूर लें.
लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर वाला सिक्का खरीदते समय रखें ध्यान
धनतेरस और दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर वाले सोने के सिक्कों की मांग बढ़ जाती है. कई लोग इन्हें पूजा के लिए खरीदते हैं. हालांकि, सिक्के पर देवी-देवताओं की तस्वीर या धार्मिक डिजाइन होने से उसकी शुद्धता की पुष्टि नहीं होती.
ऐसे सिक्के खरीदते समय इन बातों पर ध्यान दें:
- सिक्के पर 999 या 916 जैसी शुद्धता की जानकारी जांचें.
- सिक्के का सही वजन सुनिश्चित करें.
- निर्माता और विक्रेता की विश्वसनीयता की जानकारी लें.
- पैकिंग और उपलब्ध प्रमाणपत्र की जांच करें.
- पक्का बिल लें और दोबारा बेचने या बदलने की शर्तें पहले ही पूछ लें.
धार्मिक पूजा के लिए महंगा सिक्का खरीदना जरूरी नहीं है. अपनी जरूरत और बजट के अनुसार ही खरीदारी करें.
धनतेरस 2026 पर लक्ष्मी-कुबेर पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, दिल्ली में 6 नवंबर को त्रयोदशी तिथि सुबह 10:30 बजे शुरू होगी. लक्ष्मी-कुबेर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा. इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं. ध्यान रखें कि यह पूजा का शुभ समय है, सोना खरीदने के लिए अनिवार्य समय नहीं. सोने का सिक्का खरीदने के लिए इसी अवधि का इंतजार करना जरूरी नहीं है.
धनतेरस पर सोने का सिक्का खरीदना कई परिवारों के लिए आस्था और परंपरा से जुड़ा अवसर है. ऐसे में खरीदारी करते समय धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ सोने की शुद्धता, वजन, कीमत और बिल की जानकारी को भी प्राथमिकता दें. इससे त्योहार की खरीदारी के दौरान धोखाधड़ी या गलत उत्पाद खरीदने की आशंका कम होगी.

