Diesel Limit: पेट्रोल-डीजल की कीमतों और सप्लाई को लेकर चल रही हलचल के बीच डीजल इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है. अब कुछ निजी फ्यूल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक जितना चाहें उतना डीजल नहीं खरीद सकेंगे. कंपनियों ने डीजल की खरीदारी पर दैनिक सीमा तय कर दी है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में आया बड़ा अंतर बताया जा रहा है.
पेट्रोल पंप पर डीजल खरीदने की लिमिट क्यों लगी?
पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण ईंधन की सप्लाई को लेकर दबाव बना हुआ है. इसी बीच रिटेल पेट्रोल पंपों पर मिलने वाला डीजल बल्क ग्राहकों के मुकाबले काफी सस्ता पड़ रहा है. इस वजह से बड़े ग्राहक भी अपनी जरूरत का ज्यादा डीजल रिटेल पेट्रोल पंपों से खरीदने लगे. इससे कई पेट्रोल पंपों पर डीजल का स्टॉक तेजी से कम होने लगा. बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ निजी कंपनियों ने डीजल की बिक्री की मात्रा सीमित कर दी है.
किन कंपनियों ने डीजल खरीदने की लिमिट तय की?
फिलहाल Nayara Energy और Jio-bp के रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल खरीदने की दैनिक सीमा तय किए जाने की जानकारी सामने आई है. Nayara Energy ने अपने कुछ आउटलेट्स पर डीजल खरीदने की सीमा तय की है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक ग्राहक को एक दिन में 70 लीटर से 200 लीटर तक डीजल ही दिया जा सकता है. आउटलेट के हिसाब से निर्धारित सीमा अलग हो सकती है.
Jio-bp पेट्रोल पंप पर कितनी लिमिट?
Jio-bp के पेट्रोल पंपों पर भी डीजल की बिक्री की सीमा तय की गई है. यहां एक ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 50 लीटर डीजल देने की लिमिट बताई गई है.
रिटेल और बल्क डीजल में इतना अंतर क्यों?
- रिटेल पेट्रोल पंप और बल्क ग्राहकों के लिए डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर आया है.
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने की बात सामने आई है.
- इसके बावजूद रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमतों में मई के बाद से बढ़ोतरी नहीं हुई है.
- दूसरी तरफ, बल्क और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से तय की जा रही हैं.
- इसी वजह से रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर पैदा हुआ है.
करीब 40 रुपये प्रति लीटर का अंतर
जानकारी के मुताबिक, रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में करीब 40 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर बताया जा रहा है. यही अंतर बड़े ग्राहकों को रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने के लिए आकर्षित कर रहा है. बड़े ग्राहक जब ज्यादा मात्रा में रिटेल पंपों से डीजल खरीदने लगे तो सामान्य ग्राहकों के लिए उपलब्ध स्टॉक पर भी दबाव बढ़ने लगा. इसी स्थिति को देखते हुए कुछ निजी फ्यूल कंपनियों ने डीजल की बिक्री को सीमित करने का फैसला किया है.
आम ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
फिलहाल यह सीमा मुख्य रूप से उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है जो एक बार में बड़ी मात्रा में डीजल खरीदते हैं. सामान्य वाहन मालिक अगर अपनी गाड़ी के लिए सीमित मात्रा में डीजल भरवाते हैं तो उनके लिए यह लिमिट आम तौर पर बड़ी परेशानी नहीं बननी चाहिए. हालांकि, डीजल की कीमत, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और सप्लाई की स्थिति पर आगे भी नजर बनी रहेगी. खासकर अगर रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों में अंतर लंबे समय तक बना रहता है, तो कंपनियां अपनी बिक्री व्यवस्था में आगे भी बदलाव कर सकती हैं.
यह भी पढ़े: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच शेयर बाजार की धीमी शुरुआत, जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल