Electronics Export News: भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात में 2024-25 के दौरान जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, निर्यात सालाना आधार पर 32.47 प्रतिशत बढ़कर 38.58 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ESC) की रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में यह आंकड़ा 29.12 अरब डॉलर था.
स्मार्टफोन बने ग्रोथ के सबसे बड़े ड्राइवर
इस तेज बढ़त के पीछे सबसे बड़ा योगदान स्मार्टफोन निर्यात का रहा. स्मार्टफोन का निर्यात 2023-24 के 15.57 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में करीब 24.14 अरब डॉलर हो गया. इस तरह स्मार्टफोन अब भारत के इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है.
अमेरिका सबसे बड़ा बाजार
भारत के स्मार्टफोन निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, जो कुल निर्यात का 44 प्रतिशत है. इसके बाद यूएई (11 प्रतिशत), नीदरलैंड (9 प्रतिशत), यूनाइटेड किंगडम (6 प्रतिशत) और इटली (5 प्रतिशत प्रमुख बाजार रहे.
उत्तरी अमेरिका और यूरोप में मजबूत पकड़
क्षेत्रीय स्तर पर उत्तरी अमेरिका 14.70 अरब डॉलर के निर्यात के साथ सबसे बड़ा गंतव्य बनकर उभरा, जबकि यूरोप 11.45 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
नए बाजारों में तेजी से विस्तार
ESC के चेयरमैन वीर सागर ने कहा कि ‘भारत टेक’ पहल के तहत भारतीय कंपनियां अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, CIS, ASEAN और SAARC जैसे उभरते बाजारों में तेजी से विस्तार कर रही हैं. उन्होंने बताया कि इसके साथ ही उत्तरी अमेरिका और यूरोप जैसे स्थापित बाजारों में भी भारत की पकड़ मजबूत हो रही है.
अन्य क्षेत्रों में भी तेज वृद्धि
ESC के कार्यकारी निदेशक गुरमीत सिंह ने कहा कि हार्डवेयर निर्यात में यह मजबूत वृद्धि मुख्य रूप से दूरसंचार उपकरणों और स्मार्टफोन के कारण हुई है. रूस और CIS देशों को निर्यात तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 1.10 अरब डॉलर हो गया, जबकि मध्य पूर्व में यह 5.20 अरब डॉलर तक पहुंच गया. कोरिया और जापान को निर्यात में 48.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 1.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
राज्यों का प्रदर्शन भी शानदार
राज्यवार प्रदर्शन में तमिलनाडु 15 अरब डॉलर के निर्यात के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद कर्नाटक (7.85 अरब डॉलर), उत्तर प्रदेश (5.30 अरब डॉलर), महाराष्ट्र (3.60 अरब डॉलर), गुजरात (2.80 अरब डॉलर) और दिल्ली (1 अरब डॉलर) का स्थान रहा.
विनिर्माण का दायरा बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात अब पारंपरिक केंद्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के कई हिस्सों में तेजी से फैल रहा है.
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