France Wine Production: फ्रांस में 70 साल के निचले स्तर पर वाइन उत्पादन, महंगी हो सकती है बोतल

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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France Wine Production: अगर आपको वाइन पसंद है तो आने वाले समय में इसके लिए आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है. दुनिया के प्रमुख वाइन उत्पादक देशों में शामिल फ्रांस में 2026 के दौरान वाइन उत्पादन करीब सात दशक के सबसे निचले स्तर तक पहुंचने का अनुमान है. भीषण गर्मी, लंबे समय तक सूखा और खराब मौसम ने अंगूर की फसल को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर वाइन के उत्पादन पर पड़ रहा है.

फ्रांस के कृषि मंत्रालय के नए अनुमान के मुताबिक, 2026 में देश में करीब 34.9 मिलियन हेक्टोलिटर यानी लगभग 3.49 अरब लीटर वाइन का उत्पादन हो सकता है. यह उत्पादन 2025 के मुकाबले करीब 2% कम रहने का अनुमान है. वहीं, 2021 से 2025 के बीच रहे औसत उत्पादन की तुलना में यह करीब 14 फीसदी नीचे है.

2024 में भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा था उत्पादन

फ्रांस के वाइन उद्योग के लिए खराब मौसम का असर नया नहीं है. 2024 में भी प्रतिकूल मौसम की वजह से देश का वाइन उत्पादन 1957 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था. उस साल करीब 36.1 मिलियन हेक्टोलिटर वाइन का उत्पादन हुआ था. अब 2026 में अनुमानित उत्पादन इससे भी नीचे रहने की बात सामने आ रही है. लगातार मौसम संबंधी चुनौतियों ने फ्रांस के वाइन उद्योग पर दबाव बढ़ा दिया है और अंगूर की पैदावार पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है.

भीषण गर्मी और सूखे ने अंगूर की फसल को पहुंचाया नुकसान

इस साल फ्रांस के कई हिस्सों में लंबे समय तक गर्मी और सूखे की स्थिति रही. ज्यादा तापमान और पानी की कमी का सीधा असर अंगूर की बेलों पर पड़ा. पर्याप्त पानी नहीं मिलने से कई जगह अंगूर सामान्य आकार तक नहीं पहुंच सके और उनमें रस की मात्रा भी कम रही. कुछ इलाकों में तेज गर्मी ने अंगूर की फसल को सीधे नुकसान पहुंचाया. इसका नतीजा यह हुआ कि पहले जितने क्षेत्र से जितनी मात्रा में अंगूर मिलते थे, इस बार वहां से कम पैदावार हुई.

जब अंगूर की मात्रा कम हुई तो उससे बनने वाली वाइन का उत्पादन भी प्रभावित हुआ. इसके साथ ही फ्रांस में वाइन उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले अंगूर के बागों का क्षेत्रफल भी घटा है. 2026 में उत्पादन करने वाले वाइनयार्ड का क्षेत्र पिछले साल की तुलना में करीब 2.5 फीसदी कम रहा.

शैम्पेन में स्थिति और ज्यादा खराब

फ्रांस का शैम्पेन क्षेत्र भी इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. यहां 2026 का वाइन उत्पादन 2025 के मुकाबले करीब आधा रहने का अनुमान है. इस इलाके में पाला, ओले, सूखा और अत्यधिक गर्मी जैसे कई मौसम संबंधी कारणों ने अंगूर की फसल को नुकसान पहुंचाया. खराब मौसम का असर इतना ज्यादा रहा कि यहां इस साल अंगूर की कटाई भी रिकॉर्ड समय से पहले पूरी हो गई.

क्या अब वाइन की बोतल होगी महंगी?

उत्पादन में गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका असर वाइन खरीदने वाले ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा. इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. खासकर उन ब्रांड और वाइन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, जिनकी सप्लाई इस साल कम हुई है.

जब किसी उत्पाद का उत्पादन घटता है और उसकी मांग बनी रहती है तो कीमत बढ़ने का दबाव बनता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फ्रांस की हर वाइन की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी. वाइन की कीमत तय होने में उपलब्ध स्टॉक, मांग, ब्रांड, गुणवत्ता, निर्यात और अलग-अलग देशों में लागू टैक्स जैसे कई दूसरे कारकों की भी भूमिका होती है.

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