New Delhi: ईरान-ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बना ली है. इस समझौते के तहत वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग तय किए गए हैं. फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच जहाजों के आने-जाने के लिए निगरानी व्यवस्था बनाई जा रही है. दोनों देश सोमवार को मस्कट में होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे.
एक क्षेत्रीय बैठक आयोजित
इस सिलसिले में मस्कट में एक क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें दोनों देश खाड़ी के अन्य देशों को इस बातचीत और समझौते के नतीजों की जानकारी देंगे. ईरान आने वाले यातायात को संभालेगा जबकि ओमान बाहर निकलने वाले जहाजों की निगरानी में सहयोग करेगा. अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि यह समझौता ईरान-ओमान के बीच लंबे समय तक चली तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत के बाद हुआ. अगस्त के आखिर में दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी.
ईरान की व्यवस्थाओं के तहत होगा संचालित
सूत्र के अनुसार नए समझौते के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा. वहीं निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आएगा. सूत्र ने कहा कि यह मार्ग ईरान की ओर से तय की गई व्यवस्थाओं के तहत संचालित होगा. नया सिस्टम लागू होने के बाद जलमार्ग का दक्षिणी मार्ग बंद कर दिया जाएगा. सूत्र के मुताबिक अमेरिका चाहता था कि यह दक्षिणी मार्ग खुला रहे. हालांकि सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोल दिया जाएगा.
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